गौराबादशाहपुर। किसानों के विरोध के चलते धर्मापुर ब्लाक के कुरेथू गांव में फिर एक बार चकबंदी कार्य रुक गया है। चकबंदी के विरोध में सैकड़ों किसानों ने गांव में सोमवार को विरोध प्रदर्शन किया। उसके बाद अधिकारियों से बैठक हुई। अफसरों ने आश्वासन दिया की किसी भी किसानों का अहित नहीं होगा और प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी।
वर्ष 2018 जून माह में गांव में कब्जा परिवर्तन का कार्य शुरू किया गया। जिसका 170 किसानों ने विरोध किया। किसानों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों के इशारे पर चकबंदी विभाग ने कटौती की सभी जमीन का लाभ कुछ गिने चुने लोगों को दिया है। जबकि गांव में चकबंदी प्रक्रिया में धांधली की जा रही है। कुरेथू गांव की 90 फीसदी खेती नहर पर आश्रित है। जबकि विभाग द्वारा सिंचाई हेतु कोई नाली नहीं दी गई। साथ ही सामूहिक स्थान के लिए जमीन नहीं छोड़ी गई है। गांव में कोई चकरोड मार्ग दस कड़ी से ज्यादा नहीं है और जबरन कब्जा परिवर्तन करवाया जा रहा है। जिसका ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया । ग्राम प्रधान राजदेव एवम् चकबंदी सीओ किर्तापुर अलोक त्रिपाठी, रामतिलक सीओ शाहगंज के नेतृत्व में घंटो चली बैठक में समक्ष अधिकारियों ने पुन: हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र लिया और आश्वासन दिया की किसानों की सभी समस्या के निराकरण के उपरांत ही कब्जा परिवर्तन का कार्य किया जाएगा। इस अवसर पर गामा यादव, मनोज सिंह, लाले यादव, प्रकाश यादव, लालबहादुर, समर बहादुर यादव, ओम प्रकाश सिंह, चंद्रभूषण सिंह व रोहित सिंह आदि किसान मौजूद रहे।