जौनपुर। प्रति दिन 93 बसों के माध्यम से नौ से दस लाख रुपये की इनकम देने वाले जौनपुर रोडवेज डिपो परिसर में यात्री सुविधाएं नदारद है। जिससे यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यात्रियों को बैठने की पर्याप्त सुविधाएं नहीं है जिससे यात्री चिलचिलाती धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करने को विवश हैं। हैंडपंप व शौचालय की सुविधा नहीं है।
जौनपुर रोडवेज डिपो से कुल 93 बसों का संचालन कानपुर, गोरखपुर, आजमगढ़, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी व मिर्जापुुर आदि स्थानों के लिए किया जाता है। इन बसों से प्रतिदिन तकरीबन 15 हजार यात्री यात्रा करते हैं। जिसके कारण प्रतिदिन नौ लाख से अधिक की आय रोडवेज को होती है। बावजूद इसके यात्री सुविधाओं की बात करें तो डिपो परिसर में यात्री सुविधाएं नहीं के बराबर है। परिसर में मात्र तीन से चार बेंच ही लगे हैं जबकि यात्रियों की संख्या अधिक है। पचास यात्रियों तक के लिए बैठने की पर्याप्त नहीं है। वहीं बसें भी रोडवेज के सामने से ही चली जाती हैं जिससे यात्री चिलचिलाती धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करते हैं। परिसर में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पानी पीने के लिए एक भी हैंडपंप नहीं है। यात्री पानी खरीद कर पी रहे हैं। यहां एक भी शौचालय नहीं है जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जौनपुर। यात्रियों की सुविधाओं के मद्देनजर रोडवेज डिपो का नया भवन बनाने के लिए तीन करोड़ 16 लाख रुपये पास हुआ था। नया भवन भी बनकर तैयार हो गया है। इस भवन में परिवहन विभाग काम भी शुरू कर दिया है। बसों के खड़ा होने का लिखित बोर्ड नहीं लगा है। जिससे बसें बाहर से चली जाती हैं। जिसकी जानकारी यात्रियों को नहीं हो पाती है।
रोडवेज का भवन बनकर तैयार हो गया है। लेकिन अभी हैंडओवर नहीं हो सका है। शीघ्र ही यात्रियों के लिए मुकम्मल व्यवस्थाएं उपलब्ध हो जाएंगी। इसके लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा गया है।
केशरी नंदन चौधरी
एआरएम रोडवेज