जौनपुर। राजकीय बीज भंडारों पर धान की पांच प्रजातियों के 1075 क्विंटल बीज उपलब्ध हो गए हैं। किसानों को बीज 50 फीसदी अनुदान पर दिए जाएंगे। बीज उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका जिनका कृषि विभाग में रजिस्ट्रेशन होगा।
जिले में कुल छह लाख 55 हजार किसान हैं। इसमें से आधे से अधिक किसान धान की खेती करते हैं। नर्सरी डालने का समय आ गया है। किसान उन्नत बीज की तलाश में हैं। कृषि विभाग ने 1200 क्विंटल धान का बीज मगाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें 1075 क्विंटल धान का बीज अब तक आ चुका है। इसमें 300 क्विंटल संभा सब वन, 175 क्विंटल एचयूआर, 250 क्विंटल स्वर्णा सब वन , 150 क्विंटल एमटीयू 7027 और 200 क्विंटल पूसा बासमती एक है। जिस पर 50 फीसदी अनुदान है। इन सभी बीजों को कृषि विभाग द्वारा जिले में स्थित सभी 21सरकारी बीज गोदामों पर भेज दिया गया है, जहां से किसान धान की बीज ले सकते हैं। लेकिन धान की बीज लेने के लिए किसान का रजिस्ट्रेशन कृषि विभाग में होना आवश्यक है। अनुदान की धनराशि सीधे किसानों के खाते में जाएगी।
10 जून तक धान की नर्सरी डालने का समय
जौनपुर। कृषि विज्ञान बक्शा के कृषि वैज्ञानिक डा. सुरेश कन्नौजिया ने बताया कि धान की नर्सरी डालने का उचित समय पांच जून से लेकर 10 जून तक है। धान की नर्सरी डालने से पहले किसान अच्छी तरह से खेतों की जुताई कर लें। जिससे खरपतवार सहित जीवाणु व विषाणु के कीड़े जलकर नष्ट हो जाएं। इसके बाद गोबर की खाद डाल दें। किसानों को जितना क्षेत्रफल में धान की रोपाई करनी है। उसके दसवें रकबे में धान की नर्सरी डाले। धान की नर्सरी डालने से पहले एक प्रतिशत नमक के घोल में धान के बीज का डूबो दें। 20 मिनट बाद उसे निकाल कर 12 घंटे तक सादे पानी में भीगो दें। इसके बाद उसे निकाल कर ट्राइकोडार्म में मिला कर छाया में रख दें। इसके बाद धान के बीज को र्नसरी में डाल दें।
धान के बीज सरकारी बीज गोदामों में भेज दिए गए हैं। जिस पर 50 फीसदी अनुदान भी है। इन बीज भंडारों से किसान बीज ले सकते हैं। बीज लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग में पंजीकरण कराना आवश्यक हैं।
अमित कुमार चौबे
जिला कृषि अधिकारी