बक्शा। स्थानीय विकास खंड के मोहम्मदपुर के ग्राम प्रधान का जाति प्रमाण पत्र जिलाधिकारी ने निरस्त कर दिया। ग्राम प्रधान के जाति प्रमाण पत्र फर्जी होने की शिकायत के बाद एसडीएम और तहसीलदार की जांच रिपोर्ट पर जिलाधिकारी ने यह कार्रवाई की है। शिकायतकर्ता ने अब उन्हें ग्राम प्रधान के पद से बेदखल करने की मांग की है। मोहम्मदपुर गांव निवासी मोहम्मद गुलाम ने 26 फरवरी 2018 को जिलाधिकारी से लिखित शिकायत करते हुए कहा था कि मोहम्मदपुर के ग्राम प्रधान मोहम्मद गुफरान रायभांट सामान्य जाति से आते हैं लेकिन पिछड़ी जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर वह पिछड़ी जाति के लिए सुरक्षित सीट से प्रधान चुन लिए गए। शिकायतकर्ता ने जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत पिछड़ी जाति की सूची मांगी तो पता चला कि रायभांट पिछड़ी एवं अनुसूचित जाति कू सूची में नहीं है। शिकायत पर वैधानिक जांच हेतु जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा चार सदस्यीय जांच टीम गठित की गई। जिसमें दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गई। अपरजिलाधिकारी वित्त एवं जिला पिछड़ा वर्ग एवं उपजिलाधिकारी सदर ने जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दिया। जिलाधिकारी ने मोहम्मद गुफरान का जारी अन्य पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाणपत्र को निरस्त कर दिया। उधर शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से अब इस बात की शिकायत की है कि ग्रामप्रधान गुफरान को पद से मुक्त करते हुए कानूनी कार्यवाही की जाए। जबकि ग्राम प्रधान गुफरान का कहना है कि वह पिछड़ी जाति से आते हैं और उनका पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र भी तहसील के अधिकारियों की रिपोर्ट से जारी हुआ है।