जौनपुर। सीजेएम ने नायब तहसीलदार,राजस्व निरीक्षक समेत 17 आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना का आदेश एसओ सरायख्वाजा को दिया है।
सरायख्वाजा निवासी लाल बहादुर ने कोर्ट में तहत प्रार्थना पत्र दिया। जिसमें आरोप लगाया है कि उसके चाचा स्व0 पन्नालाल ने जवाहर लाल की पत्नी कलावती की संपत्ति हड़पने की नियत से फर्जी कागजात तैयार करके अपने छोटे लड़के राजकेसर को जवाहर का पुत्र साबित करने का प्रयास किया। जवाहरलाल की मौत के बाद राजकेसर ने नायब तहसीलदार के यहां दस्तावेज प्रस्तुत कर जवाहरलाल का पुत्र जाहिर करते हुए 11 जून 2018 का आदेश निर्गत करवा लिए जबकि लेखपाल की रिपोर्ट के अनुसार राजकेसर जवाहर लाल के पुत्र नहीं है। वादी लालबहादुर मान्धाता सिंह नायब तहसीलदार तहसील सदर, राजेश कुमार सिंह लेखपाल,श्रीनाथ तिवारी राजस्व निरीक्षक समेत 17 लोग साजिश में शामिल रहे। वादी ने राजकेसर की सगी मां, फूलदेई,सगे भाई एवं सगी बहन से उसका डीएनए परीक्षण कराए जाने की भी कोर्ट से मांग की है। कोर्ट ने एसडीएम सदर को मामले की जांच का आदेश दिया था उन्होंने जांच कर रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया संज्ञेय मामला पाते हुए थानाध्यक्ष सरायख्वाजा को आदेश दिया कि मामले में आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है।