जौनपुर। पूर्वांचल विश्वविद्यालय में विद्या परिषद की बैठक मंगलवार को कुलपति सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई। जिसमें विश्वविद्यालय में दिव्यांग अध्ययन विभाग की स्थापना किए जाने के मुद्दे पर समिति बनाने की अनुशंसा की गई। बी. काम तृतीय वर्ष में पूर्व की भांति मौखिक परीक्षा को यथावत रखने का निर्णय लिया गया।
विद्या परिषद की बैठक में शोध छात्र रसायन विज्ञान संजय कुमार मिश्र का निर्धारित शोध अवधि व्यतित हो जाने के उपरांत अतिरिक्त एक वर्ष का समय विस्तारण प्रदान करने के मुद्दे पर विचार किया गया। जिसमें निर्णय लिया गया कि इस मामले को शोध उपाधि समिति को सौंप दिया जाए। विश्वविद्यालय परिसर में दो वर्षीय डी फार्मा (डिप्लोमा इन फार्मेसी) पाठ्क्रम संचालित किए जाने के संबंध में नियमानुसार कार्यवाही के लिए प्रदेश सरकार को पत्र लिखने पर विचार हुआ। अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित पाठ्क्रमों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को भी प्राशासनिक बनाए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई। जिस पर तय हुआ कि स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के अंतर्गत कार्यरत शिक्षकों को अगले से प्रशासनिक बनाया जाएगा। पीएचडी उपाधि की तिथि के निर्धारण में एकरूपता लाए जाने के मसले पर विचार के लिए अध्यक्ष को सौंपा गया। विश्वविद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय भाषा विज्ञान संस्थान खोले जाने पर विचार किया गया। शोध प्रवेश परीक्षा समिति की विभिन्न बैठकों में की गई संस्तुतियों पर चर्चा हुई। आनलाइन कोर्सेस प्रारंभ किये जाने संबंधी विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के पत्र पर समिति बनाए जाने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर कुलपति प्रो. राजाराम यादव, रजिस्ट्रार सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, समर बहादुर सिंह, मानस पांडेय, अजय द्विवेदी, अविनाश पाथर्डीकर, बीडी शर्मा, डा. आलोक सिंह, डा. राजकुमार सोनी, डा. राजेश सिंह, डा. अशोक सिंह, मनोज मिश्रा, अजय प्रताप आदि मौजूद रहे।