जौनपुर। विश्व दिव्यांग दिवस पर न्यू लीफ साइकोलॉजिकल सोसाइटी ने सोमवार को टीडी पीजी कालेज के सभागार में संगोष्ठी का आयोजन किया। वक्ताओं ने कहा कि दिव्यांग व्यक्ति में भी कोई न कोई गुण होता है। उनके उस गुण को सामने लाकर उनको मुख्य धारा से जोड़ा जा सकता है। मुख्य वक्ता बीएचयू के प्रोफेसर आरएन सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी। पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के जरिए सफल दिव्यांगजन के बारे में बताया। कहा कि हर किसी में कोई न कोई क्षमता होती है। उसे पहचान कर विकसित करने की जरूरत है। प्रबंधक अशोक सिंह ने कहा कि दिव्यांगजन को समाज में अच्छी भागीदारी मिलनी चाहिए। उच्च पदों पर तमाम दिव्यांगजन देश की सेवा कर रहे हैं। डा. जगदीश दीक्षित ने दिव्यांगों पर आधारित फिल्म दिखाई। डा. डीआर सिंह ने विचार व्यक्त किए। इससे पूर्व अतिथियों ने दीप जलाकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। संगोष्ठी की आयोजक गार्गी सिंह ने आगंतुकों का स्वागत किया। द्वितीय सत्र में मुख्य वक्ता डा. अरुण सिंह ने कहा कि आज दिव्यांगजनों के प्रति सोच बदली है। लोग उनको मौका दे रहे हैं। इस सत्र में शोध पत्र प्रस्तुत किए। सत्र का संचालन डा. आरपी गुप्ता ने किया। समापन सत्र में प्राचार्य डा. विनोद सिंह ने देश में प्राचीन समय से दिव्यांगजनों के व्यवहार व उनके व्यक्तित्व पर चर्चा की। संस्था के सचिव दीपक सिंह मांटो, डा. समर बहादुर सिंह, डा. माया, डा. नीलम, डा. श्वेता श्रीवास्तव, डा. संजय सोनकर, डा. कपिलदेव सिंह, श्रीमती अमृता सिंह, डा. जान्हवी श्रीवास्तव, सलमान शेख मौजूद रहे।