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अगर प्रस्ताव पास हुआ तो शहर होगा क्लीन

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जौनपुर। नगर पालिका के पास न कचरा निस्तारण का उचित प्रबंध है और न ही उसके पास शहर की सफाई के पर्याप्त उपकरण ही हैं। पालिका ने उपकरणों की खरीद के लिए सरकार से 4.64 करोड़ रुपये की मांग की है, जिससे घर-घर कूड़ा उठाने के साज-सामान खरीदे जा सकें। कुल्हनामऊ में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। इसमें कचरे के प्रबंधन के लिए जरूरी है कि सूखे और गीले कूड़े को अलग करके उसे रीसाइकिल किया जाए। पालिका ने अपने संसाधन से जो उपकरण खरीदे हैं, उसमें ऐसे नहीं जो विभिन्न किस्म के कचरे को अलग-अलग करने लायक हो सके। सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत डोर टू डोर कूड़ा उठाने की व्यवस्था करने को कहा था। क्षेत्रीय पर्यावरण अध्ययन केंद्र लखनऊ की टीम ने अक्तूबर माह में शहर में आकर कचरे के प्रबंधन और उसकी मुश्किलों का सर्वे किया था। इसके आधार पर नगर पालिका चार करोड़ 64 लाख का प्रस्ताव बनाकर क्षेत्रीय पर्यावरण अध्ययन केंद्र लखनऊ के माध्यम से शासन को एक माह पहले भेजा है। इसमें शासन से घरों में रखने के लिए 90526 कूड़े दान, उनकी उठान के लिए 300 हाथ ठेला, 40 ट्राई साइकिल पीथ बीन, 73 बड़े और 150 छोटा कंटेनर , 39 ई रिक्शा, पांच आटो, दो डंफर प्रेशर व एक रिफ्यूज कंपेक्टर की मांग की है। इस पर 4.64 करोड़ रुपये की लागत का अनुमानित बजट शासन को भेजा गया है। नगर पालिका क्षेत्र के 39 वार्डों में 38 हजार मकान हैं, जिनमें आबादी लगभग तीन लाख है। इनसे प्रतिदिन 97.47 एमटी कचरा निकलाता है। संसाधनों की कमी के कारण शहर की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है। ऐसे में घर-घर कूड़ा उठाने की बात तो दूर की कौड़ी है। मुहल्लों से एकत्रित कचरे के निस्तारण का भी व्यवस्था नहीं है। पालिका के कर्मचारी उसे जहां-तहां डंप कर देते थे और बाद में आग लगा दी जाती थी। लोगों को विरोध के बाद अब कुल्हनामऊ में निर्माणाधीन सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट परिसर में ही कचरा डंप किया जा रहा है।
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