नेवढ़िया। उप जिलाधिकारी मड़ियाहूं मोती लाल यादव ने सोमवार को साधन सहकारी समिति बासापुर और राजकीय कृषि बीज भंडार होरैया रामनगर की जांच की। इस दौरान साधन सहकारी समिति बासापुर पर ताला लटका मिला। वहीं राजकीय कृषि बीज भंडार होरैया रामनगर के प्रभारी द्वारा अधिक धनराशि लेने की शिकायत मिली। जिस पर एसडीएम ने फटकार लगाते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिया। साथ ही दूबारा कमी मिलने पर सख्त कार्यवाई करने को कहा। उप जिलाधिकारी मडिय़ाहूं मोती लाल यादव ने रामनगर के साधन सहकारी समिति बासापुर पर दोपहर लगभग डेढ़ बजे पहुंचे। इस दौरान जहां साधन सहकारी समिति पर ताला लटकता पाया गया। सूचना पर पहुंचे चौकीदार सचिन्द्र दुबे ने ताला खोला और केंद्र प्रभारी का उपस्थित रजिस्टर पर हस्ताक्षर बनाने लगे। जिसे देख उप जिलाधिकारी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद केंद्र प्रभारी उग्रसेन दुबे भी मौके पर पहुंच गए। एसडीएम ने धान क्रय के लक्ष्य के बारे में पूछा तो केंद्र प्रभारी ने बताया कि 2900 कुंतल धान खरीदने का लक्ष्य है। लेकिन केवल दो किसानों का 49 कुंतल धान खरीदा गया हैं। वहीं किसानों के नाम अंकित होने वाले रजिस्टर पर सचिव का नाम अंकित था। पूछे जाने पर केंद्र प्रभारी उग्रसेन दुबे ने बताया कि पैसा ना होने के कारण किसानों के धान को नहीं खरीदा जा सका। इसी क्रम में उपजिलाधिकारी ने राजकीय कृषि बीज भंडार होरैया रामनगर भी पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपस्थित किसान पप्पू तिवारी, राजेंद्र सिंह, संतोष पटेल, उमाकांत बरनवाल, मुन्ना सिंह, आदि लोगों ने केंद्र प्रभारी द्वारा डीएपी का मूल्य किसानों से अधिक लेने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि डीएपी के बोरे पर 1213 रुपए मूल्य अंकित है। लेकिन प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद यादव द्वारा 1350 रुपये लिए जा रहे हैं। जिस पर एसडीएम के पूछे जाने पर प्रभारी राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि किसानों को रसीद नहीं दिया जा रहा है। रसीद छपवाने के लिए धन की जरूरत पड़ रही है। जिस कारण किसानों से डीएपी का अतिरिक्त मूल्य लिया जा रहा है। इस संदर्भ में एसडीएम ने जिला कृषि अधिकारी को मामले से अवगत कराया।