जौनपुर। कायाकल्प योजना के तहत शहीद उमानाथ सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दूसरे दिन शुक्रवार को अस्पताल और आवासीय परिसर में कचरे का ढेर देखकर नाराजगी जताई। परिसर से बाहर कचरा रखने की सलाह देते हुए कहा कि यहां गंदगी का अंबार होगा तो मरीज ठीक कैसे होंगे। कर्मचारियों को मरीजों के साथ अच्छे व्यवहार के लिए प्रशिक्षण देने की सलाह दी। मरीजों ने दवा की उपलब्धता नहीं होने की शिकायत की तो टीम चुप्पी लगा गई।
डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ के सीनियर परामर्शदाता डा ए एस त्रिपाठी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल की व्यवस्था को देखा। दवा का स्टाक रजिस्टर, कर्मचारी उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शवगृह की पीछे कचरा के ढेर और आवासीय परिसर में पानी फैला होने पर टीम ने नाराजगी जताई। कहा कि परिसर के बाहर कचरा फेंकने की व्यवस्था कराई जाए। यदि कचरा फेंका जा रहा है तो उसे हर रोज उठान की व्यवस्था कराई जाए। तैनात कर्मचारियों में काम करने का तरीका मालूम नहीं होने पर उन्हें प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। कहा कि कर्मचारियों में मरीजों के साथ सहयोग की भावना का होना जरूरी है। टीम में लखनऊ के डिविजनल पीएम डा. राजाराम यादव, लखनऊ विश्वविद्यालय की प्रो. मौसमी, सीएमएस डा. एसके पांडेय शामिल रहे।
बायोवेस्ट के साथ कचरा उठाने का निर्देश
जौनपुर। कायाकल्प योजना की टीम ने वायोवेस्ट कलेक्शन की तरह कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था कराने का निर्देश दिया। कहा कि मरीजों का इलाज करने से पहले पहले परिसर को स्वच्छ बनाने की व्यस्था करें।
पांच जिलों का टीम कर चुकी है निरीक्षण
जौनपुर। जिला अस्पताल में जांच करने पहुंची टीम इससे पहले पांच जिलों के अस्पताल की निरीक्षण कर चुकी हैं। टीम ने माना कि परिसर में परिसर में सफाई व्यवस्था बेहतर है। कूडा परिसर से बाहर डंप कराने का निर्देश दिया।