जौनपुर। कोलकाता विश्वविद्यालय के एमरेटस प्रो. एलएन हाजरा ने कहा कि फोटोनिक्स प्रकाश किरणों के माध्यम से इंस्ट्रूमेंटेशन और संचार के क्षेत्र में काफी परिवर्तन आया है। आज इंटरनेट इसी के माध्यम से चल रहे हैं। आने वाले समय में भी फोटोनिक्स से चलेंगे। उन्होंने छात्रों को आधुनिक युग में प्रयोग होने वाली फोटोनिक्स तकनीकी की जानकारी दी। वह वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान के विश्वेश्वरैया हाल में बुधवार को ऑप्टिक एवं फोटोनिक्स विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि शल्य चिकित्सा के क्षेत्र में इसकी सहायता से अब जटिल से जटिल ऑपरेशन बहुत ही आसानी से हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज फोटोनिक्स का उपयोग नैनो टेक्नोलॉजी, बैलेस्टिक मिसाइल, नेवीगेशन, लेजर ट्रीटमेंट, टेलीकम्युनिकेशन, माइक्रोस्कोपी, एडवांस स्पेक्ट्रोस्कोपी, जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबायोलॉजी के क्षेत्र में भी किया जा रहा है। विभिन्न क्षेत्रों में फोटोनिक्स के उपयोग में कारण इसके विशेषज्ञों की भी मांग बढ़ी है। इंजीनियरिंग के विद्यार्थी इस फील्ड में अपना बेहतर कैरियर बना सकते हैं। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. बीबी तिवारी, समन्वयक टेकिप ने मुख्य वक्ता प्रो. हाजरा का स्वागत किया। कार्यक्रम में इंजीनियरिंग संस्थान के शिक्षक डॉ. प्रवीण कुमार सिंह, डॉ. शैलेश कुमार प्रजापति, डॉ. रीतेश बरनवाल, डॉ. सुधीर सिंह , डॉ. अनीश, प्रीति शर्मा , दीपक सिंह, संतोष त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।