फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तहसील क्षेत्र में 21100 हेक्टेयर भूमि की नहरों से होती है सिंचाई 18-50-17

विज्ञापन
विज्ञापन
मछली शहर। क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं आने से रबी की फसल की बुआई बाधित हो रही है। इससे परेशान कई गांवों के किसानों ने अधिकारियों से मिलकर नहरों में पानी छोड़वाने की मांग की है। क्षेत्र के बटनहित, मतरी, चौकीखुर्द, घिसुआं खुर्द सहित समेत गांवों के किसानों ने उप जिलाधिकारी जेएन सचान से मुलाकात कर बताया कि नहर में पानी नहीं छोड़ा गया, जिसके कारण खेतों में पलेवा का काम बाधित हो रहा है। तहसील क्षेत्र के कुल 514 गांवों का क्षेत्रफल 79832 हेक्टेयर है। जिसमें कृषि की भूमि का क्षेत्रफल 57152 हेक्टेयर है। सिंचित क्षेत्रफल 53138 हेक्टेयर है, जिसमें 44900 हेक्टेयर क्षेत्रफल में रबी की बुआई होती है। तहसील क्षेत्र में 21100 हेक्टेयर खेतों की सिंचाई नहरों से की जाती है। नहरों में पानी नहीं छोड़े जाने के कारण कई गांवों में गेहूं के लिए पलेवा और मटर, सरसों आदि फसलों की पहली सिंचाई बाधित है। बटनहित, मंतरी, घिसुआखुर्द, चौकीखुर्द आदि गांव के किसानों ने विकास यादव के नेतृत्व में एसडीएम को ज्ञापन देकर नहरों में पानी छोड़वाने की मांग की। चौकी खुर्द निवासी विनय पांडेय ने बताया कि शारदा सहायक खंड 39 से निकले सिसवा माइनर में दो वर्षों से पानी नहीं आ रहा, जिसके कारण चौकीकलां, अगहुआ, गोधना, किसुनदासपुर के किसान परेशान हैं। वहीं, चौकीखुर्द माइनर में पानी न आने से सवैया, चौकीखुर्द आदि गांवों में सिंचाई बाधित है। इसी तरह कुंवरपुर माइनर में भी पानी नहीं है, जिसके कारण बटनहित, खजुरहट, कोढ़ा, जहांसापुर के किसान परेशान हैं। मंतरी निवासी किसान अजय सिंह ने बताया कि जौनपुर से निकली गिसुआ खुर्द माइनर सूखी है। घघरिया निवासी इंद्रजीत सिंह का कहना है कि मछलीशहर रजवाहा में पानी नहीं आने से मंतरी, घघरिया, पहाड़पुर, निकामुद्दीनपुर, रसूलपुर, जमालपुर आदि गांवों में रबी की फसल बर्बादी के कगार पर है। किसानों की मांग पर उप जिलाधिकारी से सिंचाई विभाग के अधिकारियों से बात कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें