जौनपुर। प्रशासन द्वारा ईट भट्ठा पर एक पक्षीय कार्यवाही अनुसूचित है। ईंट निर्माताओं को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए। किसी भी कार्यवाही से पूर्व ईंट निर्माता की पूंजी व उससे जुड़े श्रमिकों का भी ध्यान देना चाहिए। उक्त बातें जिला ईंट निर्माता समिति के महामंत्री अनिल कुमार सिंह शुक्रवार को कहा।
उन्होंने कहा कि जिले के सबसे बड़े कुटीर उद्योग को यदि प्रशासन कोई सहयोग नहीं करता तो उत्पीड़न भी नहीं करे। रायल्टी का नहीं जमा होना कोई अपराध नहीं है। रायल्टी विलंबित होने पर ब्याज का प्रावधान है। यह जमा नहीं होने पर भू राजस्व की भांति वसूली होती है। पूर्व में 35वां संशोधन के अधीन रायल्टी जमा करने का अनुरोध किया गया था परंतु प्रशासन ने जमा नहीं कराया। अब नोटिस जारी कर बकाया रायल्टी की मांग की जा रही है। जिसे भट्ठे वाले जमा कर रहे हैं। नवीन रायल्टी का शासनादेश 16 नवंबर को जारी हुआ है। जिस पर 19 नवंबर को आपत्ती की गई है। आपत्ती पर शासन ने जिलों से आख्या मांगी है। उसके बाद रायल्टी जमा करार्ठ जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वच्छता प्रमाण पत्र जिला स्तर पर एक वर्ष्ज्ञ से विचाराधीन है। उसके शीघ्र निस्तारण के लिए अगस्त माह में ही डीएम से अनुरोध किया जा चुका है। प्रशासन जब स्वच्छता प्रमाण पत्र जारी करेगा तभी तो प्रस्तुत किया जाएगा। स्वच्छता प्रमाण पत्र के अभाव में नवीनीकरण नहीं हो पा रहा है।