मछलीशहर। क्षेत्र के क्रय केंद्रो द्वारा धान की खरीद नहीं की जा रही है। कहीं क्रय केंद्र बंद है तो कहीं बोरा आदि की सुविधा नहीं रहने से धान की खरीद नहीं हो रही है। जिससे किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसान बिचौलियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हो रहे हैं। इससे किसानों को आर्थिक क्षति हो रही है। वहीं बिचौलियों की चांदी कट रही है।
मछलीशहर विकासखंड में चालू वर्ष में भारतीय खाद्य निगम द्वारा एक भी धान क्रय केंद्र नहीं खोला गया है। इस कारण किसानों को धान बेचने में काफी दिक्कत हो रही है। जबकि विगत कई वर्षों से नगर से सटे मीरपुर गाँव में भारतीय खाद्य निगम द्वारा क्रय केन्द्र स्थापित किया जाता रहा है।इस केंद्र पर अगल बगल के दर्जनों गांवों के किसान अपना धान सुविधानुसार बेचते थे । इस वर्ष क्रय केन्द्र न खुलने से किसान काफी परेशान हैं। पूरे विकासखंड में कहीं भी एफसीआई का एक भी क्रय केंद्र स्थापित नहीं किया गया है ।जबकि पीसीएफ द्वारा तीन केंद्र मछलीशहर विपणन गोदाम,अहमदपुर और हीरामनपुर में चल रहा है।धान की खरीद भी शुरू हो चुकी है। पूरे क्षेत्र के किसानो की धान की खरीददारी केवल तीन केन्द्र पर संभव नहीं है।किसान उक्त केंद्रों पर भीड़ के चलते धान नही बेच पा रहे हैं।उन्हें अपना धान औने पौने दाम पर बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। जमालपुर के कृषक अभिषेक सिंह सहित दर्जनों किसानों का आरोप है कि जो केंद्र चल रहा है वहां भी कहीं बोरी की व्यवस्था नहीं है तो कहीं पर मजदूर नहीं है। केवल मछली शहर विपणन गोदाम को छोड़ कर और दो केंद्रों पर धान की खरीद अभी तक शुरू नहीं हो पायी है। किसानों द्वारा एफसीआई द्वारा क्रय केंद्र स्थापित करने की मांग प्रशासनिक अधिकारियों से की गई है।