फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जल स्रोतों का बाजारी करण मानव जीवन के लिए घातक

विज्ञापन
विज्ञापन
सिकरारा । प्रसिद्ध पर्यावरणविद जलपुरुष राजेन्द्र सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार से शुरू की गई गंगा मुक्ति यात्रा बुधवार को कलवारी स्थित राहुल महाविद्यालय परिसर पहुँची। जहाँ गंगा मुक्ति विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
विज्ञापन

संगोष्ठी में वक्ताओं ने पर्यावरण प्रदूषण रोकने के लिए नदियों और तालाबो की सफाई पर जोर दिया। जल विरादरी के जिला संयोजक मुरलीधर निषाद ने कहा नदी,नाव,और घाट हमेशा समाज के अधीन रहे है। जीवन यापन के इन मूलस्रोतों का बाजारीकरण हमें विनाश की ओर ले जाता है। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा जन अधिकार सुरक्षित करने के लिए कड़े कानून बनाने की जरूरत है। राहुल महाविद्यालय के प्रबंधक अमिताभ सिंह डब्बू ने कहा गंगा मुक्ति अभियान से लोगों को अधिक से अधिक जोड़नें की जरूरत है। प्राचार्य डॉ. अजय कुमार श्रीवास्तव ने पर्यावरण, नदियों और तालाबों की सुरक्षा के लिए युवाओं के आगे आने का आह्वान किया। गोष्ठी में डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव, डॉ. संतोष कुमार, मनीष कुमार, रमेश कुमार, रुबीना राजकेसर श्याम विहारी संजय कुमार कौसर, प्रियंका, आनन्द शर्मा, आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। प्रारंभ में गंगामुक्ति अभियान दल के प्रदेश संयोजक डा. आर्यशेखर, डा. अर्जुन पांडेय, द्विजेंद्र विश्वात्मा ने गंगा मुक्ति के लिए 111 दिनों तक उपवास रख कर उत्तराखंड सरकार से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पर्यावरणविद डा. सानन्द स्वामी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए अपने उद्बोधन में कहा कि उनका बलिदान बेकार नहीं जाएगा। जीनोम फाउंडेशन के समन्वयक अरुण कुमार सिंह ने आभार ज्ञापित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें