जौनपुर। शिक्षक योग्यता परीक्षा (टीईटी) में रविवार को कड़ी सुरक्षा के बीच जिले के 52 केंद्रों पर दो पाली में पर हुई। दूसरे के स्थान पर परीक्षा दे रहे मुन्नाभाई को कक्ष निरीक्षकों ने दबोच लिया। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 2267 और जूनियर स्तर की परीक्षा में 1550 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परीक्षा को लेकर दिन भर शहर में जाम जैसी स्थिति रही। परीक्षा छूटने के बाद करीब दो घंटे तक पूरा शहर जाम रहा।
प्राथमिक की परीक्षा के लिए पहली पाली में कुल 35420 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें से 2267 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हुए। 33153 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसी जूनियर स्तर की परीक्षा के लिए दूसरी पाली में कुल 14764 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। जिसमें 1550 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। 13214 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। नेहरू बालोद्यालन केंद्र पर पहली पाली में पंकज यादव के स्थान पर परीक्षा दे रहे अजय कुमार को कक्ष निरीक्षकों ने दबोच लिया। केंद्र व्यवस्थापक की तहरीर पर पुलिस उसके खिलाफ केश दर्ज कर जेल भेज दिया। पूछताछ के दौरान उसने अपनी गलती को स्वीकार किया।
सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सभी केंद्रों पर बुकलेट और ओएमआरसीट केंद्रों पर भेजी गई। शांतिपूर्ण नकर विहीन परीक्षा कराने के लिए सभी केंद्रों पर एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट और एक पर्यवेक्षक तैनात किए गए थे। इसके अलावा एडीएम सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाए गए थे। परीक्षा के लिए जिले में 52 केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से दोनों पालियों में परीक्षा कराई गई। पहली पाली में परीक्षा सुबह दस से 12.30 बजे तक और दूसरी पाली में तीन से 5.30 बजे तक कराई गई। परीक्षा कराने की जिम्मोेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ब्रजेश मिश्र को सौंपी गई है। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुपर जोनल मजिस्ट्रेट बनाएं गए थे। इसके अलावा सीआरओ और सिटी मजिस्ट्रेट भी परीक्षा की निगरानी करते रहे। उधर सुबह के समय हाथ से लिखे कुछ सवाल और उनके जवाब वारल होने पर पेपर आउट होनी की अफवाह रही। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. ब्रजेश मिश्र ने परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने का दावा किया है।
ट्रेन आने से फंसे परीक्षा देने जा रहे छात्र
जौनपुर। तमाम छात्र उस समय फंस गए जब सिटी स्टेशन के पास रेलवे क्रासिंग पार करते समय ट्रेन आ गई। निर्माणाधीन फ्लाईओवर के पास सकरा रास्ता होने के कारण परीक्षा देने जा रहे छात्र फंस गए। तभी ट्रेन आ गई सीआरपीएफ के जवानों ने आकर छात्रों को रलवे पटरी पार करने से रोका। काफी देर छात्र ट्रेन के जाने के बाद पटरी पार किए।
प्रमाणपत्रों की मूल प्रति नहीं होने पर वंचित रहे
जौनपुर। बीएड और बीटीसी की मूल प्रति नहीं होने के कारण तमाम छात्रों को परीक्षा से बाहर होने पड़ा। अभ्यर्थियों को निर्देश दिया गया था कि परीक्षा केंद्र पर उन्हें बीएड और बीटीसी का अंकपत्र या डिग्री और कोई के आईडी प्रूफ दिखाना होगा। कई छात्र ऐसे थे जिनके पास अंकपत्र की मूल प्रति नहीं थी। उन्हें परीक्षा से बाहर कर दिया गया।