केराकत। तहसील के दो प्रमुख पुलों के निर्माण कार्य पर धनाभाव के चलते रुक गया है। बसपा शासन में गोमती नदी पर पसेवां-मई और बीरमपुर-भडे़हरी घाटों पुल निर्माण की स्वीकृति हुई थी। सरकार बदलने के साथ ही इन पुलों के निर्माण कार्य पर ग्रहण लग गया। जिसके चलते परियोजनाएं परवान नहीं चढ़ सकी।
पूर्व मंत्री जगदीश नारायण राय के प्रयास से पसेवां-मई घाटों के बीच पर छह करोड़ 22 लाख, बीरमपुर-भड़ेहरी के बीच सात करोड़ 25 लाख की लागत से पुल स्वीकृत हुए थे। पुलों के निर्माण के लिए तीन करोड़ मिल भी गए। तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी द्वारा 15 नवंबर 2011 को शिलान्यास किया। तब वर्ष 2014 तक पुल बनाने की घोषणा की गई थी। वर्ष 2012 में विधान सभा के चुनाव में सत्ता परिवर्तन होकर सपा की सरकार बन गई। एक वर्ष बीत जाने के बाद कार्य काफी दिनों तक ठप रहा। कार्यदायी संस्था ने लागत बढ़ने की बात कह निर्माण रोक दिया। कुछ धनराशि स्वीकृत हुई लेकिन काम ज्यादा नही हो पाया। बीरमपुर- भड़ेहरी घाट नौ पिलर में चार और पसेवलां-मई घाट पर सभी आठ पीलर बन चुके हैं। कार्यदायी संस्था सेतु निगम के सहायक अभियंता जीएन पांडेय का कहना है कि निर्माण कार्य धनाभाव के कारण रुका है। बीरमपुर घाट के पुल पर पांच करोड़ खर्च हो चुके हैं जबकि अभी 11 करोड़ धनराशि की जरूरत है। इसी प्रकार पसेवां -मई घाट पर सात करोड़ खर्च हो चुके हैं लेकिन अभी दस करोड़ की आवश्यकता है। इसके लिए शासन से धनराशि की डिमांड हेतु पत्र भेजा चुका है। धन स्वीकृत होने पर काम शुरू हो जाएगा।