जौनपुर। राज्य कर्मचारियों की भांति वेतन का भुगतान देने व बकाया वेतन का शीघ्र भुगतान करने की मांग को लेकर सचिवों के अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले जाने से साधन सहकारी समितियों पर ताला लटका हुआ है। जिससे किसान इन समितियों से खाद व बीज नहीं ले पा रहे हैं। वे बाजार से मंहगे दाम पर खाद व बीज खरीदने को विवश हैं। इसमें उनको आर्थिक चपत भी लगी रही है। जिले में कुल 208 साधन सहकारी समितियां हैं जिनमें 165 समितियां वर्तमान में सक्रिय हैं।
जिले में कुल छह लाख 55 हजार किसान हैं। इन किसानों द्वारा इस समय आलू व मटर आदि की बुआई शुरू कर दिए हैं। साथ ही गेहूं की बुआई के लिए भी तैयारी कर रहे हैं। लेकिन विभिन्न मांगों को लेकर सचिवों के हड़ताल पर चले जाने से किसानों को समितियों से खाद व बीज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। किसानों को खाद व बीज उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग द्वारा समितियों पर खाद व गेहूं के बीज भी उपलब्ध करा दिए हैं। इस दौरान छह हजार 670 एमटी यूरिया व छह हजार 825 एमटी डीएपी सहित 950 कुंतल गेहूं का बीज उपलब्ध कराए गए हैं लेकिन इन समितियों के सभी सचिव अनिश्चित कालीन हड़ताल पर चले गए हैं जिससे समितियों पर ताला लगा है। इसकी वजह से किसान बाजार से खाद व बीज खरीदने को विवश हैं।
बाजार में 60 से 100 रुपये अधिक दाम पर बिक रही खाद
जौनपुर। साधन सहकारी समितियों से अधिक दाम पर बाजार में यूरिया व डीएपी बेची जा रही है। साधन सहकारी समितियों पर 326 रुपया प्रति बोरी यूरिया का दाम है। वहीं बाजार में 350 रुपये प्रति बोरी यूरिया बिक रही है। साधन सहकारी समितियों पर 1340 रुपये प्रति बोरी डीएपी का दाम है जबकि बाजार में 1400 रुपये प्रति बोरी डीएपी बिक रही है।
सचिवों से हड़ताल पर रहते हुए समितियों पर जाकर किसानों को खाद व बीज देने की अपील की गई है। उनका गेहूं खरीद का जो भी बकाया है उसे पीसीएफ को अदा करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा नहीं होने पर पीसीएफ के विरुद्घ कार्यवाई की जाएगी।
बीके अग्रवाल
प्रभारी सहायक निबंधक, सहकारी समितियां