जौनपुर। छह दिन बीतने के बाद एक छटांक धान की खरीद नहीं हो पाई है। वहीं 45 धान क्रय केंद्र बंद चल रहे हैं जिससे किसान बिचौलियों के हाथ औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हो रहे हैं। जिले में 72,700 मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य है।
जिले में धान खरीदने के लिए सात एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल 76 धान क्रय केंद्र खोलने हैं। उनको धान खरीद का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है। जिसमें पीसीएफ के 45 क्रय केंद्रों को 27,900 एमटी, खाद्य विभाग के 17 क्रय केंद्रों को 19,000 एमटी, एग्रो के तीन क्रय केंद्रों को 6000 एमटी, पीसीयू के तीन क्रय केंद्रों के 7300 एमटी, एनसीसीएफ के तीन क्रय केंद्रों को 5,500 एमटी, केकेएन के तीन क्रय केंद्रों को 4,500 एमटी, एफसीआई के एक क्रय केंद्र को 500 एमटी और नेफेड केे दो क्रय केंद्र को 2,000 एमटी धान खरीद का लक्ष्य दिया गया है। लेकिन पीसीएफ के सभी 45 क्रय केंद्रों पर ताला लटका है। जिसमें साधन सहकारी समित कल्यानपुर, खलीलपुर, राजेपुर, किरतापुर, जमदहां, डीहिया, दहेव, रजनीपुर, बनबीरपुर, तरती, सपहीं, छातीडीह, सलेमपुर व भैरवभानपुर आदि हैं। इन केंद्रों पर धान खरीदने का बैनर तक नहीं लगा है। वहीं शेष केंद्रों में से भी कई केंद्र बंद चल रहे हैं। इसका कारण साधन सहकारी समिति के सचिवों का दो सूत्रीय मांग को लेकर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर रहना है। इन केंद्रों से संबंधित किसान आढ़तियों को औने-पौने दाम पर धान बेचने को विवश हैं।
सचिव के हड़ताल पर जाने के कारण पीसीएफ के सभी 45 क्रय केंद्र बंद चल रहे हैं। वहीं शेष क्रय केंद्र खुले हैं। लेकिन किसान इस समय धान की कटाई करने का कार्य कर रहे हैं। जिससे किसान क्रय केंद्रों पर धान बेचने नहीं आ रहे हैं। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को पंजीकृत किसानों का धान खरीदने का निर्देश दिया गया है।
महेश कुमार श्रीवास्तव
जिला खाद्य विपणन अधिकारी