जौनपुर। ग्राम प्रधानों के अधिकारों के हनन, उत्पीडन और मानदेय बढ़ाए जाने समेत 17 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलित जिले के ग्राम प्रधानों ने शनिवार को शहर में जुलुस निकालकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय पंचायती राज ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यत्र डा. मनोज कुुमार यादव की अगुवाई में आए ग्राम प्रधानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों सरकार पूरा नहीं करेगी तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। अपनी मांग से सबंधित राज्यपाल को संबोधित पत्रक नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
कलेक्ट्रेट में धरना सभा को संबोधित करते हुए ग्राम प्रधानों ने कहा कि प्रधान मंत्री आवास योजना का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में दिया जाता है। लेकिन आवास निर्माण में जब कोई गड़बड़ी हो रही तो उसके लिए ग्राम प्रधानों का उत्पीडन किया जा रहा है यह ठीक नहीं है। शौचालक का पैसा लाभार्थियों के खाते में भेज दिया गया है फिर भी प्रधानों को परेशान किया जा रहा है। संगठन के जिलाध्यक्ष डा. मनोज कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों के अधिकारों में दखलंदाजी कर रही है। ग्राम प्रधानों के अधिकारों का हनन किया जा रह है। सरकार की उपेक्षा के चलते गांवों में विकास का पहिया ठप हो गया है। गांव में सम्पर्क मार्ग के निर्माण के लिए उसकी चौड़ाई सात मीटर निर्धारित कर दी गई है। जबकि किसी भी गांव में राजस्व अभिलेख में इतना चौड़ा मार्ग नहीं है। ऐसे में सम्पर्क मार्ग निर्माण का काम ठप हो गया है। हैंडपंप के रीबोर की जिम्मेदारी ग्राम पंचायतों को दे दी गई लेकिन इसके लिए किसी अतिरिक्त बजट की व्यवस्था नहीं की गई। मनरेगा की मजदूरी 250 रुपये करने की मांग की गई। ग्राम प्रधानों ने कहा कि चौदहवें राज्य वित्त का बजट कम कर दिया गया है। इसके अलावा रसोइयों का मानदेय बढ़ाकर तीन हजार करने की मांग की गई। धरना सभा को ग्राम प्रधान आलोक सिंह यादव, संतोष यादव, विनोद यादव, बादामा देवी, शेषनारायण, समरनाथ, पुष्पेष कुमार, इंद्रावती आदि ने भी संबोधित किया। धरना प्रदर्शन में जिले के सभी विकास खंडों से बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान शामिल हुए थे।