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त्यौहार पर खाद्य पदार्थो में बढ़ी मिलावटखोरी

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जौनपुर। दिवाली का त्यौहार नजदीक है। ऐसे में खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी बढ़ गई है। मिठाई में मिलावट की सबसे अधिक शिकायत मिल रही है। मिलावट से बचने के लिए लोग काजू की बरफी, परवल की बनी मिठाई और इमरती की खरीदारी अधिक कर रहे हैं। मिलावट को लेकर हर कोई बाजार से भयभीत है। बाजार में बनी कौन सी मिठाई खरीदें कौन सी न खरीदें इसे लेकर दुविधा की स्थिति बनी हुई है। कुछ दुकानों को छोड़कर लोगों को किसी भी दुकान पर भरोसा नहीं है। खाद्य एवं औषधि विभाग ने अप्रैल से अक्तूबर के बीच छापेमारी करके सात महीने में 164 नमूने लिए थे। जिन्हें जांच के लिए भेजा गया था। रिपोर्ट में 70 नमूने फेल पाए गए। जुर्माना के तौर पर 582500 रुपये वसूल किया गया। विभाग ने 76 नमूनों के खिलाफ वाद दायर किया है।
त्यौहार नजदीक आते ही दुकानों पर लाल, पीली, हरी मिठाइयां सज गई हैं। ग्राहक यह नहीं समझ पा रहे हैं कि कौन सी मिठाई उनके स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। खोवा और पनीर में शकरकंद और मिठाई में मैदा के मिलावट की शिकायतें मिली हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों का सेवन करने से लीवर, आंत और वायरल की समस्या बढ़ जाती है। त्यौहार पर सबसे अधिक मिलावट दूध, पनीर और खोवा से बने सामाने में मिल रही है। खाद्य और औषधि प्रशासन ने दूध के 48 नमूने लिए थे। जिसमें से 43 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इसमें से 25 नमूने फेल हुए। फेल हुए नमूनों के मालिकों से जुर्माना के तौर पर 30500 रुपये वसूल किया। दूध से बने 32 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए थे। जांच में 12 नमूने फेल हुए। इनसे जुर्माने के रूप में एक लाख सात हजार रुपये वसूल किया।
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इनसेट
खोवा और पनीर में शकरकंदी मिठाई में मैदा की मिलावट
जौनपुर। त्योहार नजदीक आते ही खोवा और पनीर में मिलावट का खेल शुरू हो जाता है। खोवा और पनीर में शकरकंदी की मिलावट तेजी से हो रही है। जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसका सेवन करने से लोग तरह-तरह की बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसी प्रकार मिठाई में मैदा की मिलावट की जा रही है। इससे परहेज करने की जरूरत है।
इनसेट
मिलावट की कैसे करें पहचान
जौनपुर। खोवा, पनीर और मिठाई में मिलावट की जांच करना बहुत आसान है। ग्राहक को किसी भी मेडिकल स्टोर से आयोडीन टिंचर लेने की जरूरत है। खोवा, पनीर और मिठाई की थोड़ी-थोड़ी मात्रा निकाल लें। इसमें दो से तीन बूंद आयोडीन टिंचर की मात्रा मिला दें। मिलावट रहने पर खोवा, पनीर और मिठाई का रंग डार्क ब्लू ब्लैक हो जाता है। कलर बदलने पर समझ जाएं की मिलावट की गई है।

इनेसट
कुछ गिनी चुनी मिठाइयों के बढ़े दाम
जौनपुर। कुछ गिनी चुनी मिठाइयों को छोड़कर अधिकांश मिठाइयों के दाम में मामूली बढ़ोत्तरी हुई है। जिले की प्रसिद्ध इमरती जो पिछले साल 360 रुपये किलो था। इस साल उसका दाम बढ़कर 400 रुपये किलो हो गया है। परवल से बनी मिठाई भी 400 रुपये किलो बिक रही है। बालू शाही की कीमत पांच सौ रुपये है। सामान्य मिठाई के दाम में दस पंद्रह रुपये की बढ़ोत्तरी हुई है।
इनसेट
इन नंबरों पर मिलावट की करें शिकायत
जौनपुर। खाद्य पदार्थों में मिलावट की शिकायत मिलने पर जिला मुख्यालय पर जिला अभिहित अधिकारी डा. वेद प्रकाश मिश्र 951558 0235 व मुख्य अभिहित अधिकारी अनिक कुमार राय 9454468595 पर शिकायत करें। इसी प्रकार बदलापुर तहसील में 9412393368, शाहगंज में 9454468715, सदर में 9452617315, मछलीशहर में 9453321130, केराकत में 9415674448, मड़ियाहूं में 9415833121 पर शिकायत दर्ज करा सकतें हैं।
कोट
मिलावटी खाद्य पदार्थों की खरीदारी करने से सभी को परहेज करना चाहिए। दूध, खोवा और मिठाई की खरीदारी अच्छी विश्वास वाली दुकानों से करनी चाहिए। बाजार से बनी चीजों को खरीदने के बजाय बेहतर होगा कि घर में ही कुछ बना लें। मिलावटी खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल करने से लीवर और आंत की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। उल्टी, दस्त, पीलिया का खतरा बढ़ जाता है। कभी-कभी वायरल फीवर की चपेट में लोग आ जाते हैं। खास कर त्यौहार के भीड़ में तो सावधानी बरतनी चाहिए।
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डा. अरुण कुमार मिश्र वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ
कोट:
अभियान चलाकर मिलावटखोरों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सात माह में 164 सैंपल लिए गए है। जिसमें 70 सैंपल फेल हुआ है। ऐसे लोगों से 582500 रुपये जुर्माना वसूल किया गया है।
डा. वेदप्रकाश मिश्र
अभिहित अधिकारी
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