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पीएम आवास के लाभार्थियों की सूची होगी सार्वजनिक

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जौनपुर। सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 की सूची में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत शेष बचे लाभार्थियों की सूची अब सार्वजनिक होगी। सेक सूची के अनुसार कुल छह हजार 542 लाभार्थी शेष बचे हैं। इसके लिए ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में आवास की सूची चस्पा करने का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य एक नवंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 15 नवंबर तक लोग आपत्ति देंगे। आए आपत्ति की जांच की जाएगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित अपात्र व्यक्ति को आवास नहीं दिया जाएगा।
सामाजिक आर्थिक जातिगत गणना 2011 (सेक सूची) में प्रधान मंत्री आवास योजना ग्रामीण के कुल 46 हजार 242 लाभार्थी रहे। चालू वित्तीय वर्ष में जांच कराने के बाद 16 हजार 95 लोग अपात्र पाए गए। जबकि कुल 30 हजार 147 लाभार्थी पात्र पाए गए। जिसमें से अभी तक 23 हजार 605 लाभार्थियों को आवास की धनराशि दी जा चुकी है। लेकिन अभी भी छह हजार 542 लाभार्थियों को लाभान्वित नहीं किया गया है। जिसकी सूची तैयार कर ली गई है। इस सूची को ग्राम पंचायतों में चस्पा की जा रही है। जिससे आवास में लाभार्थियों को जानकारी हो सके। साथ ही अपात्र लाभार्थियों के विरुद्घ शिकायत भी आ सके। जिससे जांच कर उन्हें अपात्र घोषित किया जा सके। लोग इस सूची में लाभार्थी के रूप में चयनित अपात्रों की शिकायत कर सकते हैं। शिकायत करने के लिए 15 नवंबर तक का समय निर्धारित किया गया है। लोग अपने संबंधित ब्लाक मुख्यालय पर बीडीओ को शिकायत पत्र दे सकते हैं। जिसकी जांच होगी।
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इनकी भी सूची होगी चस्पा
जौनपुर। जिन लाभार्थियों का सेक सूची 2011 में नाम नहीं हैं। लेकिन वे प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्र हैं। उनका भी चयन किया गया है। जिसमें 43 हजार 49 लाभार्थी हैं। इनकी सूची भी ग्राम पंचायतों में स्थित प्राथमिक विद्यालयों में चस्पा की जा रही है। जिस पर कोई भी व्यक्ति 15 नवंबर तक शिकायत पत्र दे सकता है। जिसकी जांच कर अपात्र लाभार्थियों को हटाने का कार्य किया जाएगा।
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सेक सूची 2011 में पीएम आवास योजना के तहत कुल लाभार्थियों के सापेक्ष छह हजार 542 लाभार्थी आवास का लाभ नहीं पा सके हैं। वहीं 43 हजार 49 पात्र लाभार्थी ऐसे हैं, जो पात्र होने के बाद भी उनका नाम सेक सूची में नहीं है। इन सभी की सूची ग्राम पंचायतों में चस्पा कराई जा रही है। जिससे किसी अपात्र को आवास न मिल सके। यह कार्य आवास योजना में पारदर्शिता रखने के लिए किया जा रहा है।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी
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