जौनपुर। शहर में स्वच्छ भारत मिशन के नारे पर पलीता लग रहा है। कहने को तो 20 सुलभ शौचालय हैं लेकिन इनमें से अधिकांश पर ताला लटक रहा है। जो खुले हैं उनका रेट पांच रूपए से अधिक होने की वजह से लोग गोमती नदी के किनारे खुले में शौच कर रहे हैं। हल्दीपुर से लेकर राम घाट तक पांच किमी की दूरी में हर रोज सैकड़ों अधिक लोग नदी के किनारे शौच कर रहे हैं। नगर पालिका परिषद के अधिकारी इस समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं।
शहर में 20 स्थानों पर शौचालय बने हैं। इनमें कोतवाली, बदलापुर, पड़ाव, मल्हनी पड़ाव के शौचालय अधूरे हैं। कलीचाबाद, टीबी अस्पताल रोड, जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय सहित कई स्थानों पर बने शौचालयों में ताला लटक रहा है। हनुमान घाट को छोड़कर पांच किमी के इलाके में कोई शौचालय नहीं है।
शहर के दोनों तरफ के लोग गोमती नदी में गंदगी फैला रहे हैं। रिक्शा चालक कोदई का कहना है कि सुलभ शौचालय में पांच से दस रूपए लग जाते हैं। महीने भर का पांच सौ रुपये से अधिक दाम देना पड़ता है। पैसे बचाने के लिए ऐसे में नदी के किनारे जाना पड़ रहा है। शाही पुल पर दुकान लगाने वाले रामू का कहना है कि नदी के किनारे सुलभ शौचालय होना चाहिए और उसका दर दो-तीन रूपए और मासिक 100 रूपए से अधिक नहीं होना चाहिए।
चोरी से जला रहे बिजली
जौनपुर। सुलभ शौचालय में रेट भले ही पांच रूपए रखा गया है। जबकि बिजली चोरी से जला रहे हैं। नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि इसकी उन्हें कोई सूचना नहीं है। प्रति सुलभ शौचालय 16 लाख रूपए खर्च कर बनवाए गए हैं लेकिन बिजली का कनेक्शन अधिकांश ने नहीं लिया है।
कोट--
खुले में शौच जाने पर मनाही है। नदी के किनारे हनुमान घाट पर शौचालय बनाया गया है। मेरी जानकारी में किसी शौचालय में न तो ताला बंद है और न ही चोरी से बिजली जलाने की सूचना है। दो-तीन सुलभ शौचालय ही बंद है उन्हें जल्द शुरू कराया जाएगा।
कृष्ण चंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, जौनपुर