खुटहन। क्षेत्र के गोपालापुर ग्राम पंचायत के सम्मनपुर गांव में नवरात्रि के पवित्र पर्व पर गंगा जमुनी तहजीब की ऐसी धारा प्रवाहित होती है जो हिन्दू मुस्लिम एकता का संदेश ही नहीं वल्कि एक प्रेरणा जगाने का काम कर रहा है। इसके प्रणेता गांव के ही मुस्लिम वर्ग के अब्दुल अहमद है। वह बीते 4 वर्षो से कौमी एकता की मिसाल बने हुए हैं। हर साल की भांति इस साल भी पंडालों को सजाऐ हैं। नित्य दुर्गा आरती करते हैं। इनकी इस पहल से गांव तथा क्षेत्र में लोगों को एकता की प्रेरणा मिल रही है। गांव केे लोगों का भी योगदान इनके साथ सदैव रहता है ।अब्दुल बीते 4 साल से नव दुर्गा पंडाल गांव में लगाते आ रहे हैं। उसकी देखभाल भी करते रहे है। इनका कहना है,जैसे दो समुदाय बेवजह आपस में लड़ते हैं वह चीज खत्म कर सिर्फ भाईचारे की मिसाल बने यह हिंदू-मुस्लिम करना बंद करें हम भाई हैं।
यही नही अब्दुल की बहन की शादी लगभग पांच माह पूर्व थी। उसमे छपाया गया निमंत्रण पत्र भी एक अलग ही मिसाल पेश किया था। हिंदू देवी देवताओं की फोटो उस कार्ड पर अंकित करवाया था7 गांव के सभी बिरादरी के लोग मौके पर जुटकर बारात की बिदाई जमे रहे। यही नहीं वे हर हिन्दू त्यौहारो मे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेते है। ईद बकरीद आदि पर हिन्दू वर्ग के लोग भी उनके आवास पर जमे रहते है। गांव मे दोनो धर्मो का त्योहार बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता हैं।