बदलापुर / घनश्यामपुर। परिवार कल्याण स्वास्थ्य निदेशक द्वारा स्वास्थ्य रक्षकों की मांगी गयी सूची महीनों बीत जाने के बाद भी अभी तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के लिपिक ने नहीं भेजा है। इससे आक्रोशित बदलापुर ब्लाक के स्वास्थ्य रक्षकों ने बीस की संख्या में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिपिक की मनमानी के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जन स्वास्थ्य रक्षकों ने प्रदर्शन करने के बाद सीएमओ को इस प्रकरण के बारे में अवगत कराते हुए रजिस्टर्ड डाक से शिकायती पत्र भेजा। 1977 में तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री लोकबंधु राजनारायण ने एक हजार की आबादी पर गांव में स्वास्थ्य रक्षकों की तैनाती मानदेय पर किया था। मार्च 2002 में यह योजना बंद कर दी गयी। बाद में जन स्वास्थ्य रक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल किया। उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि जीवित जन स्वास्थ्य रक्षकों की सूची प्राप्त कर अग्रिम कार्यवाही करें। प्रदर्शन करने वालों में रामसिंगार दुबे, दयाशंकर तिवारी, इंद्रजीत सिंह, राजमणि यादव, शिवराम मौर्य, त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, ओंकारनाथ यादव, महन्थराज सिंह, शिवनारायण सिंह, रमाकांत शुक्ल, लालता प्रसाद तिवारी, कृपाशंकर आदि मौजूद थे।