जौनपुर। जिला कारागार में बंदियों के बीच आपस में तूतू मैमै और मारपीट की घटनाएं आम होती जा रही है। जेल में आएदिन मारपीट की घटना हो रही है। क्षमता से अधिक बंदियों के होने के कारण जेल की व्यवस्था चरमराने लगी है। यही वजह है कि बंदी आपस में ही भिड़ रहे हैं। अगर समय रहते प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया तो जेल में कभी बड़ी वारदात हो जाए तो ताज्जुब नहीं। बुधवार की शाम को भी बंदियों के बीच आपस में मारपीट की घटना हुई थी।
जिला कारागार मे 320 बंदियों की रखने की क्षमता है लेकिन मौजूदा समय में यहां क्षमता से तीन गुना से भी अधिक करीब 1150 बंदी जेल में हैं। इससे जेल की व्यवस्था चरमरा गई है। बैरकों में बंदियों को ठीक से सोने के लिए भी जगह नहीं मिल पाती। बैरकों मे सोने और बैठने के लिए भी बंदी आपस में भिड़ जाते हैं। जिला कारागार में बंद बंदियों की इस भारी भीड़ में कुछ उपद्रवी भी हैं। रोज किसी न किसी बात को लेकर बंदियों को अनावश्यक रूप से परेशान करते हैं। इस बात को लेकर भी जेल में विवाद होता है। जेल प्रशासन ने 20 उद्रवियों को चिह्नित कर उन्हें दूसरी जेलों में स्थानांतरित करने की सिफारिश जिला प्रशासन से की है लेकिन जेल प्रशासन की इस रिपोर्ट पर भी कार्यवाही नहीं की गई। जेल अधीक्षक एके मिश्रा का कहना है कि बंदी कभी सोने को लेकर तो कभी दबंगई को लेकर आपस में कहासुनी और मारपीट कर ले रहे हैं। उन्हें बढ़ावा देने वाले बीस बंदियों को चिह्नित किया गया है। जिन्हें दूसरी जेलों मे ंस्थानांतरित करने के लिए डीएम को पत्र लिखा जाएगा।