जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग संस्थान में टेकिप (तकनीकी शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन कार्यक्रम ) के तहत मंगलवार को दो दिवसीय आउटकम बेस्ड एजुकेशन एवं प्रत्यायन निष्पक्ष विषयक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पठन-पाठन की प्रक्रिया को अर्थ संगत बनाने के लिए तैयार होना रहा।
पाठ्यक्रम की उपयोगिता एवं प्रभावी ढंग से लागू किए जाने के लिए हर एक पाठ्यक्रम को विस्तार से प्रस्तुत किए जाने, पाठन को क्रम उत्तर सूचीबद्ध किए जाने पाठ्यक्रम के प्रत्येक अंश को ज्ञान वर्धन से संयुक्त किए जाने के बारे में विस्तार से चर्चा हुई। मेंटर संस्था से टेकिप समन्वयक प्रो. दिनेश प्रभु, डा. उमेश, डा. गिरीश एवं प्रधानाचार्य प्रो. एचवी रवींद्रा के नेतृत्व में कार्यशाला 9 से 10 अक्तूबर 2018 को इंजीनियरिंग संस्थान में संपन्न होगी। प्रतिभागियों को यह बताया गया कि किसी भी विशेष अंश के पाठन के पूर्व एवं उपरांत विद्यार्थियों को उनके बारे में आवश्यक जानकारी रहनी चाहिए। कार्यशाला में कोर्स आउटकम एवं प्रोग्राम आउटकम को मापने का ज्ञान विकसित किया गया। इनके साथ साथ मेंटर संस्था के शिक्षकों द्वारा प्रयोगशाला, फर्नीचर, पुस्तकालय सीखने के लिए आवश्यक संसाधनों की सुविधाओं का भी जायजा किया गया। इसके पूर्व विश्वविद्यालय के टेकिप समन्वयक प्रो. बीबी तिवारी ने अतिथियों को पुष्प गुच्छ देकर कर स्वागत किया। प्रो. बीबी तिवारी ने अतिथियों को टेकिप की गतिविधियों से अवगत कराया। उन्होंने बीटेक प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं के लिए 21 दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम की रूपरेखा भी बताई। कार्यशाला में प्रो. रजनीश भास्कर, डा. संजीव गंगवार, डा. संतोष कुमार, डा. राजकुमार, रीतेश बरनवाल, विशाल यादव, सत्यम उपाध्याय, ज्योति आदि समेत समस्त शिक्षक प्रतिभाग किए।