जौनपुर । वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी हाल में आयोजित कथक नृत्य और राम कथा के संगम में श्रोता निहाल हो गए। सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ कथक नृत्य से हुआ। इलाहाबाद से आए कथक कलाकार रवि सिंह और प्रेरणा तिवारी ने एक से बढ़कर एक नृत्य प्रस्तुत कर भारतीय कला का सजीव चित्रण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत रवि सिंह ने दुर्गा स्तुति से की। प्रेरणा तिवारी ने कथक के भाग तराना का परिचय कराया। इसके बाद रवि सिंह के नृत्य ‘राधा तेरी, मेरा श्याम तू’ पर पूरा हाल तालियों से गूंज उठा। प्रेरणा तिवारी के ‘हाय मर जाएंगे, लूट जाएंगे , ऐसी बात ना करो’ भाव नृत्य पर दर्शक वाह वाह कर उठे। कथा में कृष्ण और गोपियों के महारास के वर्णन की रवि और प्रेरणा ने नृत्य के माध्यम से जो प्रस्तुति की उसे देखकर दर्शकों निहाल हो उठे। इसके बाद दोनों कलाकारों ने फ्यूजन गीत पर कथक करके दर्शकों को वन्स मोर, वन्स मोर करने पर मजबूर कर दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने कहा कि कथक का मतलब कथा से आया भाव होता है। जब शरीर, मन और आत्मा एक साथ चलते हैं तब कथक होता है। इस अवसर पर कथावाचक आचार्य शांतनु महाराज और कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने दोनों कथक कलाकारों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। समारोह का संचालन डा. मनोज मिश्र ने किया। कार्यक्रम में कुलसचिव सुजीत कुमार जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अविनाश पार्थीडेकर, डा. सौरभ पाल, राकेश यादव, अनु त्यागी, डा. सुधीर उपाध्याय, डा. शैलेश प्रजापति, डा. नृपेंद्र सिंह, डा. सुनील कुमार, डा. अवध बिहारी सिंह, डा. संजय श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।