जौनपुर। शारदीय नवरात्र बुधवार से शुरू हो रहा है। नवरात्र के लिए दुर्गा पूजा पंडाल की साज सज्जा शुरू हो गई है। कहीं किला तो कहीं पुष्कर मंदिर और कहीं गुफा के रूप में पूजन पंडाल बनाया जा रहे है। जिले में 561 दुर्गा पूजा समितियां हैं। कोलकाता और अन्य प्रांतों से आए कलाकार पंडालों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। कुछ पंडालों में देवी प्रतिमाएं पहुंच चुकी है। उधर मूर्तिकार देवी की मूर्तियों को सजाने में जुटे हैं। पंडालों को बेहतर रूप से सजाकर पुरस्कार जीतने की होड़ लगी है। अष्टभुजी पूजा समिति कन्हईपुर, मायांजलि पूजा स मिति मियापुर और नवयुग पूजा समिति उर्दू बाजार के पंडाल को बनाने के लिए बाहर से कलाकार बुलाए गए हैं। अष्टभुजी पूजा पंडाल कन्हईपुर को झांसी के किला का रूप दिया जा रहा है। जबकि मायांजलि संस्था को पुष्कर के मंदिर के रूप में बनाया जा रहा है। नवयुग संस्था ने अभी तक पंडाल के नाम का खुलासा नहीं किया है। संस्था के लोगों का कहना है कि नवरात्र के पहले दिन पूजा पंडाल के नाम की घोषणा की जाएगी। जिसके लिए बाहर कलाकार बुलाकर पंडालों को भव्य रूप दिया जा रहा है। दुर्गा पूजा समिति के लोग मूर्ति की खरीदारी के लिए मूर्तिकारों का पास पहुंचकर अपनी मूर्ति के लिए बात करने में जुडे हैं। शहर के ओलंदगंज फलवाली गली में मां दुर्गा की विशाल मूर्ति बैठाई जा रही हैं। मूर्ति पंडाल में पहुंच चुकी है। दुर्गा पूजा पंडाल के लिए बाहर से कलाकारों कोलकाता से कारीगर आए हैं तो कई जगह समिति के लोग खुद पूजन पंडाल तैयार कर रहे हैं। पूजा पंडाल तैयार करने में पांच से छह लाख रूपये खर्च हो रहा है। पूजा पंडाल पर आने वाले खर्च की परवाह किए बिना पंडालों को भव्य रूप देने की होड़ लगी है।
जौनपुर। श्री दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष मोतीलाल यादव ने बताया कि श्री दुर्गा पूजा महासमिति में 561 पूजा समितियों का पंजीकरण कराया है। जबकि करीब 1400 पूजा समितियों स्वतंत्र रूप से पंडाल लगाकर पूजा करते हैं। जिनका पंजीकरण श्री दुर्गा पूजा महासमिति में हुआ है। केराकत, शाहगंज, मछलीशहर, मुंगराबादशाहपुर समेत तहसीलों में पूजा समितियां अपना पंडाल लगाकर पूजा कराती है।
जौनपुर। श्री दुर्गा पूजा महासमिति के अध्यक्ष मोती लाल यादव ने कहा कि समिति के लोग पूजा पंडाल समय विशेष सावधानी बरतें। पंडाल में लोहे के राड लगाई जाती है। वायरिंग के समय कड़े तारों का प्रयोग न करें। अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने कहा कि पूजा समितियों से जुड़े लोग नशा का सेवन कतई न करें। सभी पूजा पंडाल समितियों के लोग पंडाल बनाने में विशेष सावधानी बरतें।