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धर्म परिवर्तन केस में कोर्ट ने तलब किया विवेचना की प्रगति रिपोर्ट

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जौनपुर। चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में सनातन धर्म से इसाई धर्म में छल से परिवर्तन करने के मामले में वादी अधिवक्ता बृजेश सिंह ने एसीजेएम पंचम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया कि आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने के एक माह बाद भी 271 अभियुक्तों में एक आरोपी की भी गिरफ्तारी नहीं हुई। पुलिस अभियुक्तों को बचाने का प्रयास कर रही है। धीमी गति से विवेचना कर अभियुक्तों को लाभ दे रही है जिससे सबूत नष्ट होने की आशंका है। कोर्ट ने थाना चंदवक से यह रिपोर्ट तलब किया है कि विवेचना में अब तक क्या प्रगति हुई। पूर्व में विवेचक द्वारा लीपापोती करने पर विवेचक कोतवाल केराकत को नियुक्त किया गया। उन्होंने प्रार्थना सभा पर तो रोक लगा दी तथा वादी का बयान भी दर्ज किया जिसमें उन्होंने ईसाई केंद्र संचालक दुर्गा प्रसाद यादव किरीत व जितेंद्र के अलावा तीन महिलाओं प्रीति, ज्योति व प्रिया का नाम भी धर्म परिवर्तन कराने में लिया। इसके बावजूद भी गिरफ्तारी नहीं की जा रही है।
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अधिवक्ता बृजेश सिंह ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत दुर्गा प्रसाद यादव, किरित राय, जितेंद्र, 260 पादरी व आठ युवतियों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया था कि ईसाई केंद्र का संचालक दुर्गा प्रसाद व अन्य आरोपी जिले सहित चार अन्य जिलों में सनातन धर्म के विरुद्ध प्रचार, प्रवचन कर गरीब व पिछड़े लोगों को धोखा देकर, बहला फुसलाकर एवं रुपए का लालच देकर इसाई बना रहे हैं। आरोपी सनातन धर्म के उपासना पद्धति एवं मूर्ति पूजा का मजाक उड़ाकर अपमान करते हैं। लोगों को नशीली दवाइयां खिलाकर, जादू टोना व अंधविश्वास फैलाकर जानलेवा गलत उपचार करते हैं। प्रतिबंधित रसायन खिलाकर ईसा मसीह की जय बुलवाकर उन्हें इसाई बनाते हैं। देवी देवताओं के प्रति लोगों के मन घृणा पैदा कर रहे हैं। इससे धार्मिक उन्माद भड़क सकता है एवं सामाजिक शांति भंग हो सकती है। इस कृत्य से वादी एवं अन्य लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। वादी अधिवक्ता के प्रार्थना पत्र पर एसीजेएम पंचम ने ईसाई केंद्र संचालक दुर्गा प्रसाद यादव समेत 271 आरोपियों पर धोखाधड़ी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने व अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था। कोर्ट के आदेश पर 5 सितंबर को प्राथमिकी दर्ज हुई।

जौनपुर। शाहगंज के समधीपुर में अधिवक्ता जितेंद्र यादव की गड़ासी व कुल्हाड़ी से मारकर हत्या करने के मामले में वारंट पर हाजिर विवेचक कोतवाल मंजय सिंह ने कोर्ट में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया। परीक्षण रिपोर्ट व माल मुकदमाती न आने के कारण बयान पूरा न हो सका। शेष बयान के लिए 11 अक्टूबर तिथि नियत की गई।
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मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के खून लगे कपड़े, खूनालूद व सादी मिट्टी, आला कत्ल कुल्हाड़ी, गड़ासी व अन्य माल मुकदमाती जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला, वाराणसी भेजा था। कई तारीखों के बावजूद प्रयोगशाला से पुलिस द्वारा परीक्षण रिपोर्ट व माल मुकदमाती कोर्ट में पेश नहीं किया जा रहा है जिससे मुकदमे के निस्तारण में विलंब हो रहा है। 27 सितंबर 2015 को प्रात: 9 बजे समधीपुर गांव में अधिवक्ता जितेंद्र यादव, उनकी पत्नी व बहन पर गड़ासी, कुल्हाड़ी आदि से जानलेवा हमला कर दिया गया था। जितेंद्र यादव की अभियुक्तों ने हत्या कर दिया था। आरोपी ओम प्रकाश यादव समेत सात के खिलाफ विचरण चल रहा है। इसी मामले को लेकर अधिवक्ताओं ने कई दिनों तक आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हड़ताल किया था। मामला विचारण के अंतिम दौर में चल रहा है।
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