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हर रोड पर डग्गामारी, कार्रवाई से भाग रहे अधिकारी

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जौनपुर। शहर से लेकर ग्रामीणाचंल में सुबह से शाम तक डग्गामारी सड़कों पर हो रही है। लेकिन परिवहन एवं पुलिस के अधिकारी अपने जिम्मेदारियों से भाग रहे है। खास तौर से स्कूली वाहनों के हादसे का शिकार होने के बाद परिवहन, पुलिस और रोडवेज विभाग के अधिकारी डग्गामार वाहनों की चेकिंग करते है। दो दिन बाद ही अभियान ठंडा पड़ जाता है। इसकी वजह से डग्गामार वाहन संचालकों पर चेकिंग का कोई खौफ नहीं है। जिधर देखिए उधर ही डग्गामार वाहन सड़कों पर फर्राटा भर रहे है।
यात्रियों के सबसे अधिक मुसीबत इस बात की है। ऐसे वाहन ही अधिकतर हादसों के शिकार हो रहे है। सवारियां उठाने के चक्कर में ऐसे वाहन सड़कों पर अपना वाहन अंधाधुंध भगाते है। जिससे यात्रियों को दिक्कत होती ही है। सड़कों पर चलने वाले लोगों के लिए भी मुसीबत है। कब कौन कहां ऐसे वाहनों की चपेट में आ जाए कहां नहीं जा सकता है। पुलिस, परिवहन एवं रोडवेज अधिकारियों के सामने खुलेआम ऐसे वाहनों का संचालन हो रहा है। रोडवेज से सवारियां ऐसे वाहन जबरन उठा ले जाते है। कई बार पत्र एआरएम पुलिस को अभियान चलाने के लिए लिख चुके है। लेकिन पुलिस को कानून - व्यवस्था से फुर्सत ही नहीं मिल पा रही है। जबकि डग्गामार बसें रोडवेज बसों के संमानांतर जेसीज, वाजिदपुर, सिपाह, पालिटेक्निक, बदलापुर, मछलीशर पड़ाव आदि स्थानों से संचालित हो रहे है।
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बच्चों के जान भी जोखिम में
जौनपुर। स्कूली बच्चों का जान भी जोखिम में है। ऐसे वाहन बच्चों को स्कूल ले जा रहे है। जिले में एक साल में चार से अधिक स्कूली वाहन हादसे के शिकार हो चुके है। जिसमें तीस बच्चे घायल भी हो चुके है। यह घटनाएं मुंगराबादशाहपुर, बदलापुर, गौराबादशाहपुर आदि इलाके में हो चुकी है। हादसों के बाद भी न तो स्कूल संचालकों ने सबक लिया और न ही अभिभावकों ने ही। पुलिस के सामने डग्गामार वाहन हर रोज स्कूली बच्चों को ढ़ो रहे है। इसमें बस, जीप, टैंपों, मैजिक आदि वाहन शामिल है।

डग्गामार वाहनों के खिलाफ समय - समय पर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही संयुक्त अभियान चलाकर ऐसे वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उदयवीर सिंह
एआरटीओ प्रर्वतन एवं प्रशासन
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