जौनपुर। स्वच्छ भारत मिशन के तहत हर घर में शौचालय का निर्माण कराकर गांधी जयंती पर जिले को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) अभियान पूरा नहीं हो सका। अभी 13 हजार 105 शौचालय बने ही नहीं है। निर्माण में इस देर के लिए प्रशासन बजट की कमी, बारिश और लाभार्थियों की उदासीनता को जिम्मेदार ठहरा रहा है। जिले को ओडीएफ करने के लिए अभी 120 करोड़ रुपये की जरूरत है।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत बेस लाईन सर्वे 2012 की सूची में जिन लोगों को नाम था। उनके घरों में शौचालय बनाकर जिले को ओडीएफ घोषित करना था। जिले में कुल चार लाख 14 हजार 594 शौचालय बनवाए जाने थे। इस काम में जिला प्रशासन की ओर से 305 अधिकारियों को लगाया गया था ताकि समय से काम पूरा कराया जा सके। शौचालय बनाने के लिए लगभग 10 हजार मिस्त्री लगाए गए थे। इस दौरान शौचालय बनने की प्रतिदिन जिला मुख्यालय पर समीक्षा की जाती रही। इसके बावजूद मात्र चार लाख एक हजार 489 शौचालय ही बन पाए। जिले को ओडिएफ करने के लिए कुल 3282 राजस्व गावों को खुले में शौच मुक्त किया जाना था लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते महज 1716 राजस्व गांव ही ओडीएफ हो पाए हैं। अभी 1566 राजस्व गांव ओडीएफ किया जाना है। जिले को ओडीएफ करने के लिए अभी भी 120 करोड़ रुपये की जरुरत है। लक्ष्य के अनुसार शौचालय बनाने के लिए कुल 358 करोड़ रुपये चाहिए था लेकिन मात्र 238 करोड़ रुपये शासन से जिले को मिल पाया है। पैसे नहीं मिलने के कारण भी काम में सुस्ती है।
बजट कम मिलने, बारिश नहीं होने और लाभार्थियों के कम रुची लेने के कारण जिला ओडीएफ नहीं हो पाया है। जिले को ओडीएफ करने के लिए 13105शौचालय बनाए जाने और बाकी है। वहीं अभी भी 120 करोड़ रुपये शासन से नहीं मिला है।-गौरव वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी