जौनपुर। जिले में 15 साल से भी अधिक पुराने हो चुके 27 हजार वाहन स्वामियों को परिवहन विभाग विभिन्न माध्यमों से नोटिस देगा। ऐसे वाहनों की जांच की जाएगी। अगर वाहन चलने लायक मिला तो उसका पुन: रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। अन्यथा उसे कंडम घोषित कर दिया जाएगा। जिले में आठ लाख वाहनों का पंजीकरण है। इसके अलावा तकरीबन दो लाख गैर प्रदेशों और गैर जिलों के वाहन जिले में संचालित हो रहे हैं। इसमें से 27 हजार वाहनों की सूची तैयार की गई है। इनका रजिस्ट्रेशन 15 साल से अधिक हो चुका है। अब ऐसे वाहनों को नोटिस देने की तैयारी में उपसंभागीय परिवहन कार्यालय जुट गया है।
जिले में 20 से 25 साल पुराने वाहन चल रहे हैं। ऐसे वाहन न केवल प्रदूषण के लिए समस्या बने हुए हैं। बल्कि ऐसे वाहनों से आए दिन हादसा हो रहा है। परिवहन विभाग की लापरवाही की वजह से ऐसे वाहनों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही है। और तो और इसमें पांच हजार ऐसे वाहन हैं जिन पर नंबर भी पंजीकृत नहीं है। यह वाहन या तो थानों से नीलामी के हैं या तो उन्होंने शुरू से नंबर ही नहीं लगवाया। बावजूद इसके ऐसे वाहनों पर कार्रवाई न तो पुलिस कर पाई और न ही परिवहन विभाग ही कुछ कर पाया। जिले में तकरीबन आठ लाख वाहनों का रजिस्ट्रेशन 25 सितंबर तक हुआ है। इसमें बाइक, कार, ट्रैक्टर, ट्रक, बस, मैजिक, जीप, पिकअप, ऑटो, ई-रिक्शा आदि हैं। इसके अलावा तीन लाख के करीब ऐसे वाहन जिले में चल रहे हैं। जिनका रजिस्ट्रेशन गैर जनपदों और गैर प्रांतों का है। इसमें डग्गामार वाहन भी है। जिसकी वजह से लाखों के राजस्व की क्षति परिवहन विभाग को रहा है। जो भी हो उपसंभागीय परिवहन कार्यालय (एआरटीओ) ने 27 हजार ऐसे वाहनों की सूची तैयार किया है। जिन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी दी जाएगी। अगर उनका रजिस्ट्रेशन 15 वर्ष से अधिक का है तो वे अपनी गाड़ियों का जांच कराकर दोबारा रजिस्ट्रेशन करा लें। अन्यथा उनका रजिस्ट्रेशन अवैध घोषित कर दिया जाएगा। इसमें पांच हजार के करीब कार मालिक भी हैं।
जिले में 27 हजार ऐसे वाहनों की सूची तैयार की गई है। जिनका रजिस्ट्रेशन 15 साल से अधिक हो गया है। इसमें से जो चलने लायक वाहन होंगे। उनका दोबारा रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। शेष वाहनों को कंडम घोषित कर उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। ऐसे वाहनों से वातावरण भी प्रभावित हो रहा है।
उदयवीर सिंह
एआरटीओ