जौनपुर। जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौच मुक्त करना है लेकिन अभी लगभग 14 हजार शौचालय बने ही नहीं है। चार दिन में किसी चमत्कार की उम्मीद भी बेमानी है। यह अलग बात है कि प्रशासन शौचालय बनवाने में रात-दिन एक किए हुए है।
सरकार ने जिले को दो अक्तूबर तक खुले में शौच मुक्त करने का निर्देश दिया है। जिला प्रशासन द्वारा बेस लाइन सर्वे 2012 की सूची के अनुसार चार लाख 14हजार 764 लोगों के घरों में शौचालय बनवाने थे ताकि हर घर में शौचालय हो और लोग खुले में शौच करने के लिए बाध्य न रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को लगाया गया। कुल 305 अधिकारियों को इसकी निगरानी सौंपी गई। मगर तय समय से लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। शौचालय निर्माण के काम में 10 हजार मिस्त्री लगाए गए हैं। इसके बाद भी लक्ष्य पूरा होता नहीं दिख रहा है। अभी अभी 13 हजार 990 शौचालयों का निर्माण नहीं हो पाया है। इसके अलावा शौचालयों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित करने को 1749 स्वच्छाग्रही लगाए गए हैं।
कहां -कहां कितना शौचालय बनाए जाने हैं बाकी
जौनपुर। बदलापुर ब्लाक में 80, बक्शा में 283, बरसठी में 686, डोभी में 262, जलालपुर 224, करंजाकला में 953, केराकत में 727,खुटहन में 525, मछलीशहर में 1605, महराजगंज में 687,मड़ियाहूं में 840,मुफतीगंज में 234, मुगराबादशाहपुर में 1934, रामपुर में 617,शाहगंज में 370, सिकरारा में 953,सिरकोनी में 824, सुईथाकला में 688, सुजानगंज में 1498 शौचालय अभी भी बनाए जाने बाकी हैं।
दो ब्लाकों हो चुके हैं ओडिएफ
जौनपुर। जिले के 21 ब्लाकों मेें से दो ब्लाक ओडिएफ हो चुके हैं। लेकिन अभी भी 19 ब्लाक ओडिएफ नहीं हो पाए हैं। आडिएफ होने वाले ब्लाकों में धर्मापुर व राम नगर ब्लाक हैं। धर्मापुर में 9122 और रामनगर में 19902 शौचालय बनाकर ओडिएफ कर दिया गया है।
दो अक्तूबर की तिथि सरकार की है। लेकिन हम तैयार नहीं हैं। वैसे पूरी कोशिश की जा रही है कि जिले को तय समय में ओडिएफ कर दिया जाए।
सभाजीत पांडेय
जिला पंचायत राज अधिकारी