करंजाकला। नगर पालिका की लापरवाही से प्यारेपुर गोशाला में पशुओं की देखभाल ठीक तरीके से नहीं की जा रही है। इसके चलते पशु मर रहे हैं। 25 पशुओं को 24 घंटे में एक क्विंटल भूसा व 40 किलो दाना खिलाया जाता है। यह पशुओं के पेट भरने में नाकाफी है, जिससे पशु कमजोर होकर बीमार हो रहे हैं। उक्त गौशाला में अभी तक एक बछड़ा मर चुका है जबकि दूसरा बीमार है। इसका खुलासा शुक्रवार को उस समय हुआ जब पशु चिकित्सा अधिकारी करंजाकला आलोक चौधरी ने गोशाले में पशुओं को मुंहपका और खुरपका का टीकाकरण करने गए।
नगर में घुम रहे छुट्टा पशुओं को रखने के लिए नगर पालिका ने सराख्वाजा थाना क्षेत्र के प्यारेपुर गांव में दो बीघा जमीन पर गौशाला का निर्माण कराया है। इस गौशाला में अगस्त माह से लेकर अब तक कुल 25 गाय और बछड़े रखे गए हैं। इनमें पांच गाए हैं जबकि शेष बछड़े। इन पशुओं को खाने के लिए नगर पालिका की ओर से महज एक क्विंटल भूसा व 40 किलो दाना भेजा जाता है। 24 घंटे तक इसी में पशुओं को गुजारा करना होता है। पशुओं को जमीन पर भूसा और दाना रखकर खिलाया जाता है। भरपेट चारा नहीं पाने से पशु भी कमजोर और बीमार हो रहे हैं। इसी के कारण 27 सितंबर को एक बछड़ा मर गया जबकि दूसरा बछड़ा बीमारी से जमीन पर लेटा पड़ा है। पशुओं के देखभाल के लिए दो चैकीदार लगाए गए हैं। चैकीदार सुबह 8 से शाम 5 बजे तक रहते हैं। इस दौरान चैकीदार भयूव अहमद और फजल अहमद ने बताया कि सुबह 8 बजे हम लोग गोशाला पर पहुंचकर पशुओं को प्रतिदिन पशुओं को चारा देते हैं। नगर पालिका द्वारा गुरुवार को नौ नाद पहुंचाया, उससे पहले चारा जमीन पर रखकर खिलाया जाता ता। करंजाकला के पशु चिकित्सा अधिकारी आलोक चौधरी ने बताया कि गोशाले में शुक्रवार को पशुओें को मुहपका और खुर पका का टीकाकरण किया गया है, लेकिन भरपेट चारा नहीं मिलने से पशु बीमार चल रहे हैं। नगर पालिका के अधिकारी अधिकारी कृष्णचंद्र इसका खंडन करते हुए कहते हैं कि पशुओं को भरपेट चारा दिया जा रहा है। आसपास के लोग अपने मरे पशुओं को लाकर गोशाला में फेंक दे रहे हैं।