जौनपुर। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत गांवों में होने वाले विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिए अलग अलग साफ्टवेयरों डाटा फीडिंग का काम समय से पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को लैपटाप दिया गया है लेकिन अधिकतर पंचायत सचिवों ने लैपटाप को घर पर रख दिया है। विकास कार्यों की डाटा फीडिंग का काम आज भी ब्लाक कार्यालयों में संविदा पर तैनात कम्प्यूटर आपरेटरों के भरोसे हो रहा है। यही वजह है कि आधा वित्तीय वर्ष बीतने को है लेकिन एक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अभी तक आनलाइन नहीं हो सकी।
दर असल ग्राम पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने के लिए तीन अलग अलग साफ्टवेयरों के माध्यम से कार्ययोजना से लेकर उसपर कराए गए विकास कार्य और जांच में हुई कार्रवाई आदि से संबंधित डाटा आनलाइन फीड करने की व्यवस्था शासन से बनाई गई है। ग्राम पंचायतों से जो एक साल के लिए कार्ययोजना तैयार की जाती है उसे प्लानिंग प्लस वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाता है। जबकि विकास कार्य की भौतिक प्रगति रिपोर्ट मय फोटो के साथ एक्सन साफ्ट पर और विकास कार्यों की वित्तीय प्रगति रिपोर्ट से संबंधित सारे डाटा प्रिया साफ्ट पर अपलोड करने की व्यवस्था बनाई गई है। इससे कोई भी अफसर किसी भी गांव की विकास कार्यों की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा अपने दफ्तर में बैठकर ही कर सकते हैं। शुरू में जब यह व्यवस्था बनाई गई तो ग्राम पंचायत अधिकारियों ने संसाधन की कमी का हवाला देते हुए समय पर डाटा फीडिंग का काम पूरा कराने से हाथ खड़े कर दिए थे। करीब दो साल पहले जिले में 236 ग्राम पंचायत व ग्राम विकास अधिकारियों को को न सिर्फ लैपटाप उपलब्ध कराया गया बल्कि उसे चलाने के लिए उन्हें बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई। लेकिन लैपटाप देने के बाद भी डाटा फीडिंग में कोई प्रगति नहीं आई। विभागीय सूत्रों की माने तो पंचायत सचिवों ने लैपटाप तो ले लिया लेकिन उसे घर पर रख दिया। अभी भी डाटा फीडिंग का काम वे किसी साइबर या फिर ब्लाक कार्यालयों में तैनात संविदा आपरेटरों के सहारे करवाते हैं। जिले के कुल 21 विकास खंडों में 1749 ग्राम पंचायतें हैं। विकास की कार्ययोजना जून महीने तक ही प्लानिंग प्लस पर अपलोड करने के निर्देश थे लेकिन अभी भी एक सौ से अधिक ग्राम पंचायतों ने कार्ययोजना को वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया है। एक्शन साफ्ट और प्रिया साफ्ट पर भी भौतिक और वित्तीय प्रगति से संबंधित डाटा भी समय पर फीड नहीं किया जाता है।
जिन ग्राम पंचायतों की कार्ययोजना अभी तक प्लानिंग प्लस अपलोड नहीं की गई है उन ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस जारी की गई है। अगले महीने होने वाली समीक्षा बैठक में भी इस तरह की लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
गौरव वर्मा
मुख्य विकास अधिकारी