फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शहर में आवारा पशुओं से राह चलना हुआ मुश्किल

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
जौनपुर। शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक आवारा पशुओं से लोग परेशान हैं। शहर में राह चलना मुश्किल हो गया है। जिधर देखिए उधर सड़कों पर पशु बैठे रहते हैं। उधर ग्रामीणांचल में पशु लोगों की फसलें बर्बाद कर दे रहे हैं। शहर से लेकर गांव तक पशुओं को पड़कने में कोताही बरती जा रही है। शहर में नगर पालिका ने कोई लावारिस पशु को न तो पकड़ा है और न ही जुर्माना लगाया है। कहने के लिए कुछ दुधारू पशुओं को पकड़कर प्यारेपुर पशुशाला में हाल ही में रखा गया है।
शहर में तकरीबन एक हजार से अधिक संख्या में पशु सड़कों पर रात दिन विचरण करते हैं। सद्भावना पुल, मछलीशहर पड़ाव, ओलंदगंज, नईगंज, कोतवाली, चहारसू, सिद्दीकपुर, कचहरी, लाइन बाजार सहित कई इलाकों में इन्हें देखा जा सकता है। इनके भय से लोगों ने सड़क पर सुबह सुबह टहलना छोड़ दिया है। कारण इनके हमले से कई लोग अस्पताल पहुंच चुके हैं। मछलीशहर पड़ाव पर तो सड़क पर ही पशु बीस से अधिक की संख्या में रात में बैठ जाते तो वाहनों का आना जाना भी बंद हो जाता है। लोगों को उतरकर इन्हें हटाना पड़ता लेकिन फिर आकर बैठ जाते हैं। यहां दो-दो डेरियां भी सड़क पर ही खोल दी गई है। नगर पालिका ने पशुओं को पकड़ने के लिए कैचर वैैन खरीदा है और दस लोगों की टीम भी बनाई है लेकिन न तो कोई अभियान चला और न ही धरपकड़ ही हुआ। जबकि इसके नाम पर भाड़े की पिकअप का भुगतान भी किया गया है। डीएम के निर्देश पर सितंबर माह में 26 दुधारू पशुओं को अलबत्ता पकड़कर प्यारेपुर पशुशाला में रखा गया है। इन पशुओं को लेने भी कोई नहीं आया। नियम है कि आवारा पशुओं को सड़क से पकड़कर पशुशाला में रखा जाए और कोई लेने आए तो उनसे 250 से 500 रूपए का जुर्माना वसूल किया जाए और उनसे इस बात का शपथ पत्र लिया जाए कि दोबारा वह सड़क पर पशु नहीं छोड़ेंगे लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
विज्ञापन


कुत्तों के भय से रात में नहीं जा पाते घर
जौनपुर। शहर में आवारा कुत्तों की संख्या हजारों में है। रात में लोग पैदल घर नहीं जा पाते हैं। कारण कुत्ते कब उन्हें काट लें कहा नहीं जा सकता। बाइक से जाने पर भी पीछा करते हैं। पिछले तीन महीने में 40 से अधिक लोग इसके शिकार हो चुके हैं। जिस मोहल्ले में देखिए उस मोहल्ले में कुत्ते सड़क से लेकर गलियों में मंडराते रहते हैं। इनकी धरपकड़ के लिए कोई योजना नहीं है।
विज्ञापन


प्यारेपुर पशुशाला अभी पूर्ण रूप से तैयार नहीं है। शहर में पांच सौ से अधिक की संख्या में आवारा पशु भ्रमण कर रहे हैं। इतनी संख्या में पशुओं को कहां रखा जाए। वैसे हाल ही में 26 दुधारू पशुओं को पकड़कर प्यारेपुर पशुशाला में रखा गया है। जिन्हें नगर पालिका अपने खर्चे से देखभाल कर रही है। किसी भी पशु मालिक के खिलाफ कोई जुर्माना वसूल नहीं किया गया है।
- कृष्ण चंद्र
अधिशासी अधिकारी
नगर पालिका परिषद, जौनपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें