जौनपुर। अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री राम आसरे विश्वकर्मा ने कहा कि सरकार पिछड़े वर्ग का आरक्षण समाप्त करने की साजिश कर रही है। अगर आरक्षण समाप्त हो गया तो पिछड़े समाज के किसी को भी नौकरी मिलने वाली नहीं है। वह रविवार को विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा की ओर से नगर के मुरादगंज में आयोजित भगवान विश्वकर्मा की पूजा और सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि हमे गर्व है कि हम विश्वकर्मा हैं और निर्माण के कार्यों से हमारा सरोकार है। भगवान विश्वकर्मा शिल्प के देवता हैं। पूर्व की अखिलेश सरकार ने 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा दिवस पर सार्वर्जनिक अवकाश घोषित कर पूरे विश्वकर्मा समाज का सम्मान बढ़ाने का काम किया था। लेकिन प्रदेश की मौजूदा सरकार ने विश्वकर्मा पूजा दिवस का सार्वजनिक अवकास निरस्त कर शिल्प के देवता और विश्वकर्मा समाज का अपमान करने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भाजपा की सरकार ने विश्वकर्मा दिवस को मजदूर दिवस मनाकर यह बताने की कोशिश की है कि सरकार की नजर में विश्वकर्मा समाज की हैसियत मजदूर से अधिक कुछ नहीं है। उन्होंनो कहा कि सपा सरकार में इंटर पास विश्वकर्मा समाज के छात्रों को आईटीआई का प्रमाण पत्र देने का शासनादेश पास हुआ था। मौजूदा सरकार ने उसपर रोक लगा दी। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि विश्वकर्मा समाज के लोगों के उत्पीडन की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि समाज अब अपना अधिकार लेने के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष को तैयार है।समारोह को विधायक पारसनाथ यादव, जगदीश सोनकर, राजनारायण बिद ने भी संबोधित किया। अध्यक्षता विनीत सेठ और संचालन त्रिवेणीनाथ विश्वर्मा ने किया। इस मौके पर शिवकुमार विश्वर्मा, सुरेंद्र नाथ, डा. जगदीश, संतोष यादव, सभासद तिलकधारी यादव, रामआसरे विश्वकर्मा आदि मौजूद थे।