बदलापुर / घनश्यामपुर । बदलापुर विकासखण्ड के रामपुर गांव में पीली नदी का क्षतिग्रस्त पुल राहगीरों के लिए जान का खतरा बना हुआ है। जिससे हर समय दुर्घटना होने का डर बना हु़आ है। बावजूद इसके कई गावों के लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर इस पुल से गुजरना पड़ रहा है। मुख्यमंत्री के पोर्टल पर शिकायत के बाद लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बिना मौके पर गए गड्ढ़े को मिट्टी से भरवा देने की रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया। विभाग के इस झूठी रिपोर्ट पर ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने समस्या का अविलंब निस्तारण करने की मांग की है। ऐसा नहीं होने पर तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है।
रामपुर गांव में पीली नदी पर चार दशक पूर्व पुल बना है, जो इस समय पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है । पुल के दोनों पटरियों पर जगह-जगह जान लेवा गड्ढा बन चुका है । लेकिन अभी भी रामपुर , खमपुर , अटौली , गोनौली , कुशहाँ , इनामीपुर , बदलपट्टी , रतासी , बहरीपुर , महदा , जगदीशपुर , कछौरा , फिरोजपुर , जमऊपट्टी आदि दो दर्जन से ज्यादा गांव के लोग आजे जाते हैं। पुल से गुजरते समय लोगों के चेहरे पर दुर्घटना होने का खौफ आसानी से देखा जा सकता है। इसको लेकर रामपुर गाँव के क्षेत्रपंचायत सदस्य सुभाषचंद्र मौर्य ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर नौ अक्टूबर को शिकायत संख्या 40019418055503 से शिकायत किया था। जिसमें समस्या का त्वरित निस्तारण की मांग की थी। दस अक्टूबर को लोकनिर्माण विभाग के मुख्य अभियंता ने प्रकरण जिले के अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण विभाग को निस्तारित करने के लिए भेज दिया । लेकिन जन जीवन की सुरक्षा से जुड़े ऐसे गम्भीर प्रकरण को लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता बगैर मौके पर गए ही गड्ढे को मिट्टी से भरवाए जाने की रिपोर्ट दे कर निस्तारण कर दिया। जब कि गड्ढा अभी यथावत पड़ा हुआ है ।गांव के सुभाषचंद्र मौर्य , लालबहादुर मौर्य , बिहारीलाल मौर्य ,अनिल विश्वकर्मा ,अशोक कुमार गुप्ता , वृजेश पाल आदि ग्रामीणों ने अधिशासी अभियंता लोकनिर्माण विभाग की झूठी रिपोर्ट पर रोष जताया है। वहीं प्रशासन को चेताया है कि यदि पुल पर बने गड्ढे को अविलम्ब ठीक नहीं किया गया तो ग्रामीण दो सप्ताह बाद तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे।