जौनपुर । पूर्व एमएलसी सिराज मेंहदी ने कहा है कि राफेल डील में विपक्ष के संयुक्त संसदीय समिति बनाने की मांग कर रहा है। यूपीए की सरकार से तीन गुना ज्यादा पर यह डील की गई है। यह बात आस्ट्रेलिया के पूर्व राष्ट्रपति ने भी स्वीकारी है । इस मसले पर सरकार का पक्ष अरुण जेटली एवं रक्षामंत्री दे रहे हैं लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौन है । यूपीए सरकार पर यही भारतीय जनता पार्टी के नेता आरोप लगाते थे कि यूपीए सरकार के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौन रहते हैं ।
उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहता है कि प्रधानमंत्री रफेल सौदे पर कुछ बोलें। इसे साफ जाहिर है की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चहेते बिजनेसमैनों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सौदा किया गया है । उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली इतिहास की किताबों को बदलने की संघ और भारतीय जनता पार्टी साजिश रच रही है । इतिहास के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है । एक पर सभी पार्टियों को एकजुट होकर इसका विरोध करना चाहिए । उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था की दुहाई देकर आयी थी कि अखिलेश सरकार में कानून व्यवस्था खराब है जबकि मौजूदा समय मे बीजेपी सरकार की कानून व्यवस्था पिछली सरकार से डेढ़ सौ गुना खराब है । फर्जी एनकाउंटर कराकर बीजेपी विरोधी पार्टियों के लोगों में दहशत पैदा करने की कोशिश कर रही है । प्रदेश की बिजली के हालात पर कहा कि बिजली व्यवस्था की हालत बहुत दयनीय है। गांव में बिजली न रहने से किसान परेशान हैं, सिचाई नहीं हो पा रही है, जिससे धान की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।