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उृजड़ा हुआ हुसैन का कुनबा लिये हुए...

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जौनपुर। हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत के बाद रविवार को फूल (तीजा) की मजलिस हुई। मातम किया गया और जुलूस निकालकर लोगों ने नजराने अकीदत पेश की। गौरतलब हो कि कर्बला में 10 मुहर्रम को शहादत देने के बाद इमाम हुसैन व उनके साथियों का फूल की मजलिस मनाने की परंपरा है। कोरापट्टी गांव के खानपट्टी से अमारी जुलजनाह व अलम का जुलूस निकाला गया जिसमें हजारों की संख्या में लोगों ने नौहा व मातम कर कर्बला के शहीदों को याद किया।
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लखनऊ से आये मौलाना गयूर अब्बास ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत के बाद उनकी बहन जैनब व पूरे परिवार को यजीदी हुकूमत ने कैदी बनाकर ऊंटों पर सवार कर शाम होते हुए मक्का मदीना ले जाया गया था जहां उन पर जुल्म व ज्यादती की गई। आज हम सब उन्हीं का गम मनाने के लिए यहां एकत्र हुए है। इससे पूर्व सोजखानी गौहर जैदी व उनके हमनवां ने पढ़ा। जुलूस अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ कोरापट्टी पहुंचा और फिर खानपट्टी में आकर समाप्त हुआ। जुलूस में अंजुमन जाफरिया मुत्तूपुर आजमगढ़, अंजुमन हैदरी आलम खां, अंजुमन गुलशने इस्लाम, अंजुमन शमशीरे हैदरी नौहाखानी व सीनाजनीं करती रही। बानिए जुलूस अल्ताफ हुसैन खां ने आभार प्रकट किया। इस मौके पर वजीर खां, नन्हे खां, शहजादे खां, रेयाज हसन, सोनी, असलम, सरफराज हुसैन सरफन, इदू भाई, बन्ने खां, शमसीर हसन सहित अन्य लोग मौजूद रहे। वहीं अजादारी कौंसिल के सरपरस्त फैसल हसन तबरेज, आजम जैदी, रिजवान हैदर राजा, शाहिद मेंहदी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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