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बावनी द्वादशी मेले में हुई जम कर खरीदारी

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सिकरारा। क्षेत्र के गुलजार गंज के ऐतिहासिक बावनी द्वादशी (बउनी दुआस) मेले में शुक्रवार को शाम पांच बजे तक श्रद्धालुुओं का रेला लगा रहा। इसके चलते जौनपुर-इलाहबाद मार्ग पर यातायात कुछ देर के लिए रुक गया। मेले में लोगों ने खूब खरीददारी की। शाम को इलाहाबाद से आए कलाकारों ने आकर्षक झांकियां निकालीं। आतिशबाजी के मुकाबले में गुलजारगंज की टीम विजेता रही।
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मेले का इतिहास सैकड़ों साल पुराना है। बाजार की रामलीला के बरिष्ठ कलाकार अच्छेलाल मोदनवाल बताते हैं कि इसका शुभारंभ बाजार की स्थापना करने वाले जमीदार गुलजार सिंह ने की थी। अपनी दानवीरता के लिए ख्याति प्राप्त राजा बलि की परीक्षा लेने भादों माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भगवान विष्णु ने बामन रूप धारण किया था। इसी तिथि को इस बाजार की स्थापना हुई थी। उसी तिथि से इस दिन हर साल बाजार में विशाल मेले का आयोजन होता आ रहा है। शुक्रवार को मेले में मछलीशहर बड़ेरी समाधगंज सिकरारा बरईपार आदि बाजारों से व्यापारी यहॉ अपनी अपनी दूकान लेकर पहुंचे और लोगों ने जम कर खरीदारी की। मिठाई, मिटटी के बर्तन खिलौने ,कृषि यंत्र ,लकड़ी के खिलौने आदि की खूब खरीदारी हुयी। चुटहिया जलेबी चाट फ़ुल्की छोले समोसे तथा प्रसाधन सामग्री की दुकानों पर महिलाओं की अच्छी खासी भीड़ लगी रही। शाम को इलाहबाद से आए कलाकारों ने मनमोहक झाँकी (लाग) का प्रदर्शन किया। जिसे देख लोग मंत्र मुग्ध हो गए। बच्चे आतिश बाजी के मुकाबलों में काफी उत्साहित दिखाई दिए। निर्णायकों द्वारा बेहतर प्रदर्शन के आधार पर गुलजारगंज को प्रथम तथा बड़ेरी को द्वितीय पुरस्कार दिया गया। रात में कजरी तथा बिरहा का जवाबी मुकाबला हुआ। मुहर्रम का जुलूस के चलते एसडीएम सदर मंगलेश दुबे तथा सीओ सदर विनय द्विवेदी ल़गातार मेले में चक्रमण करते रहे।
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