जौनपुर। परमसत्ता ने मानव को अपने जैसा ही बनाकर इस धरती पर भेजा था। मनुष्य को धरती को स्वर्ग बनाने का जिम्मा सौंपा है। विडंबना है कि मानव यहां आकर माया में रम कर इस प्रभु द्वारा प्रदत सुख सामग्री को अपना समझने लगता है। जलालपुर के प्रधानपुर में महात्मा बुधराम की ओर से आयोजित निरंकारी सत्संग समारोह में यह बात कही।
संत उदय नारायण जायसवाल ने कहा की आज मानव मानव से भयभीत है। प्रेम, नम्रता, सहनशीलता की जगह नफरत और निंदा में लगा है। धरती को स्वर्ग बनाने के लिए हम सभी को अमन, एकता, विशालता, सहनशीलता आदि मानवीय गुणों से युक्त होना होगा। यह तभी सम्भव है जब हम इस सर्वशक्तिमान, परमात्मा से नाता जोड़ लेंगे। आज सदगुरू माता, सुदीक्षा सविंदर हरदेव महाराज ब्रह्य ज्ञान के द्वारा जीवन संवारने में लगी हैं। राजेश, बरसाती, रामजीत, छोटेलाल, मनोज, अमरावती पाल, रामशिरोमणि, दूधनाथ, रमेश , भावेश आदि मौजूद रहे। संचालन नंदलाल ने किया।