गौराबादशाहपुर। बारिश के बाद पशुओं में संक्रामक बीमारी तेजी से फैलनी शुरू हो गई है। जिसके कारण पशु पालकों की परेशानी बढ़ गई है। पहले चिकित्सक गांवों में आकर पशुओं को टीका लगा देते थे और पशु इन बीमारियों से बच जाते थे। लेकिन इस वर्ष अभी तक टीकाकरण नहीं होने से पशुओं में बीमारी फैलने लगी है। धर्मापुर विकास खंड के मनिहांगोविंदपुर गांव निवासी जय प्रकाश दुबे, प्रहलाद राजभर, साहबराज सिंह, राम सुभग दुबे, कैलाश, विक्रमादित्य दुबे और सटे हुए गांव मुफ्तिगंज विकास खंड के भुईली गांव निवासी वीरेंद्र चौबे, दिनेश यादव, अनिल सिंह, अशोक सिंह के पशु बीमारी की चपेट में है। भदेवरा के दीना राजभर, पिंटू, विकास, सुरैला गांव में करिया सिंह, बारी पप्पू राम, देवाकलपुर, सोनारी, विशुनपुर, बसवत गांवों में भी पशु बीमारी से संक्रमित है। मगर पशु चिकित्सक सूचना के बाद भी गांव में पशुओं का टीकाकरण करने नहीं आ रहे हैं। पशु स्वामियों का कहना है कि अचानक ही स्वस्थ पशु गिर जा रहे हैं और बीमार हो जा रहे हैं।
पीली नदी पर बना रपटा जर्जर, हादसे का अंदेशा
बदलापुर/घनश्यामपुर। बदलापुर के दुगौलीकला कस्तूरीपुर के बीच पीली नदी पर बना रपटा पुल जर्जर हो गया है। क्षेत्र के लोग जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को विवश हो रहे हैं। जर्जर रपटा पुल पर कभी भी हादसा हो सकता है। नदी में पानी भरा है और पीली नदी उफान पर है। एक माह पूर्व रपटा पुल डूब जाने से दर्जन भर से ज्यादा गांव के लोगों को आवागमन में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। ग्राम तियरा, भेलूपुर, इनामीपुर, दुधौड़ा, लबिदाही, बहरीपुर, रतासी, मेढ़ा, कस्तूरीपुर आदि दर्जन भर से ज्यादा गांवों के लोगों का आवागमन इस रपटा पुल से होता है। पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। आवागमन को लेकर ग्रामीण सहमे हुए हैं। ग्रामीणों की मांग है कि यहां पर पुल का निर्माण किया जाय। शिक्षक बाबूराम यादव, भूलन राम केवट, संदीप सिंह, भीम चौहान, बाबूनंदन केवट, सालिक राम यादव, ज्योति कुमार सिंह, शिवप्रसाद शुक्ल आदि लोगों ने प्रशासन से रपटा पुल का तत्काल जीर्णोद्धार कराए जाने की मांग की है।