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नैतराक मूल्यों का उत्थान करना ही शिक्षा का मूल उद्देश्य: दिव्यकांत

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बदलापुर/ घनश्यामपुर। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कहा कि बच्चे राष्ट्र के रत्न हैं। उन्हें तराशने एवं संवारने का दायित्व शिक्षकों के कंधों पर है। उनकी शिक्षा में किसी तरह की कमी होनी चाहिए। वह रविवार को एबीएस स्कूल महराजगंज में आयोजित शिक्षा की गुणवत्ता विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
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उन्होंने कहा कि हमें छात्र-छात्राओं की प्रतिभा का मूल्यांकन करने के बाद उस क्षेत्र में उन्हें ले चलने की जरूरत है ताकि वे परिवार , समाज तथा राष्ट्र का गौरव बन सकें। शिक्षा में जीवन व नैतिक मूल्यों का समावेश होना चाहिए। आधुनिक विज्ञान की जानकारी के साथ-साथ उनमें मानवीय मूल्य भी होना चाहिए। विदेशी संस्कृति से राष्ट्र समाज तथा परिवार का उत्थान संभव नहीं है। नैतिक शिक्षा को आज विषय में लाने की चर्चा हो रही है, उसे तो बुजुर्ग दो वर्ष में कर देते थे। स्कूल के चेयरमैन संजय सिंह ने मुख्य अतिथि को अंगवस्तत्रम भेंट कर सम्मानित किया। मुख्य अतिथि ने स्कूल में उत्कृष्ट अंक हासिल करने वाले दसवीं कक्षा के छात्र आकांक्षा दुबे , रजनीश यादव , विक्रम साहू , सत्यम यादव , आयुष मिश्र , अमित मौर्या तथा शिवम् यादव को प्रशस्तिपत्र देकर उनका उत्साह वर्धन किया। संचालन मैनेजिंग डायरेक्टर पीएस सिंह तथा अध्यक्षता चेयरमैन संजय सिंह ने किया। आभार प्रधानाचार्य सतीश सिंह ने व्यक्त किया। इस मौके पर लालशेखर सिंह , अनिल पाण्डेय, हरीकान्त शुक्ल , उपेन्द्र सिंह , संदीप कुमार , अन्जनी कुमार , रोहित सिंह ,नीलेश , अतुल आदि मौजूद थे।
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