मछलीशहर। नगर में फर्जी तरीके से कई सोनोग्राफी केंद्र चल रहे हैं, जिस रेडियोलॉजिस्ट के नाम से संचालन किया जा रहा है, वे यहां रहते ही नहीं हैं। वे किसी और शहर में दूसरा जांच केंद्र चल रहे हैं। फर्जी हस्ताक्षर से रिपोर्ट तैयार कर मरीजों को दी जाती है। डॉक्टरों ने कई मामलों में गलत रिपोर्ट देने की पुष्टि की है।
डॉक्टरों ने बताया कि नगर में चल रहे कई सोनोग्राफी केंद्र केवल रेडियोलॉजिस्ट के जरिए संचालित किए जा रहे हैं। मरीजों की जांच के समय केंद्र रेडियोलॉजिस्ट सोनोग्राफी करने के लिए तैनात नहीं रहता है। उनके स्थान पर अनुभवहीन व्यक्ति जांच करके उनके हस्ताक्षर बनाकर रिपोर्ट भी दे देता है। डा. तेज बहादुर, डा. आरपी विश्वकर्मा, डा. अशोक पटेल आदि जांच रिपोर्ट में खामी की पुष्टि की है। उनका कहना है कि इन सोनोग्राफी केंद्रों पर मरीज से तकलीफ पूछकर रिपोर्ट दे दी जाती है। रिपोर्ट सही नहीं होने पर लोगों को फिर से जांच करानी होती है और जगह पर कोई और ही रिपोर्ट मिलती है। गलत रिपोर्ट देने वाले ऐसे केंद्रों पर कोई कार्यवाही स्वास्थ्य विभाग द्वार नहीं की गई हैं। अस्पताल के अधीक्षक डा. रफीक फारूकी ने कहा कि इनका रजिस्ट्रेशन डिप्टी सीएमओ के यहां से होता है। कुछ दिन पहले जांच की गई थी तो फर्जी चलने वाले सोनोग्राफी केंद्र बंद करवा दिए गए थे। कुछ लोग चोरी से चला रहे हैं। मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।