मीरगंज। परिषदीय विद्यालयों को अंग्रेजी स्कूलों की तर्ज पर तैयार करने के लिए हर ब्लॉक के पांच विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम से संचालित किया जा रहा है। इसके लिए शासन से करीब एक साल पहले योजनाएं बनाई थी। विद्यालय का चयन तो कर दिया गया है लेकिन वहां पर विशेष सुविधाएं नहीं दी गई है। शैक्षणिक सत्र शुरू हुए पांच महीने हो गए लेकिन अब तक स्कूलों में ना तो शिक्षक तैनात किए गए ना ही बच्चों को किताब दी गयी है। इससे इन बच्चों का भविष्य अधर में है। अप्रैल से इन स्कूलों का सत्र शुरू कर दिया गया था। उसी दौरान बच्चों को किताबें दी जानी थी लेकिन ऐसा आज तक नहीं हुआ है। जनपद में 110 प्राथमिक स्कूलों को अंग्रेजी माध्यम बनाया गया था। इसी तरह मछलीशहर ब्लाक में भी अदारी, मीरगंज, तिलौरा, श्रीनेतगंज व कोढा प्राथमिक स्कूलों का चयन अंग्रेजी स्कूल के रुप में किया गया था। जिसके तहत अंग्रेजी अधयापक व अंग्रेजी किताब उपलब्ध कराना था। स्थिति यह है की न ही अंग्रेजी की किताब उपलब्ध कराई गयी नहीं अंग्रेजी पढ़ाने के लिए गुरु जी ही खोजे जा सके जिससे पढाई कार्य प्रभावित है। अदारी में चार, मीरगंज में दो, तिलौरा श्रीनेतगंज व कोढा में एक-एक अध्यापकों की कमी है। इन स्कूलों में सिर्फ कक्षा चार का हमारा परिवेश, सस्कृत, गणित की ही किताबें पहुंच पाई हैं। बाकी कक्षाओं के किताबों का इंतजार हो रहा है। जिसमें अंग्रेजी बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि वह जिले में तैनात शिक्षकों के बीच ऐसे शिक्षकों की तलाश कर रहे हैं। जो अंग्रेजी माध्यम के विद्यालय में पढ़ा सके। इसके लिए पूर्व में निकाले गए आवेदन में जिन लोगों ने आवेदन नहीं किया दोबारा प्रक्रिया की जाएगी। खण्ड शिक्षा अधिकारी शैलपति यादव का कहना है जिले से अभी किताबें नहीं पहुंच पाई है। जो पहुंची है उन्हें वितरित करा दिया गया है। जिन अंग्रेजी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है वहा जल्दी समायोजन कराकर टीचर नियुक्त किए जाएंगे।