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दो साल बाद भी जंघई स्टेशन का नहीं हो सका सुंदरीकरण

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मीरगंज। दो साल बाद भी जंघई रेलवे स्टेशन का सुंदरी करण का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि इस स्टेशन के सुंदरीकरण के लिए डेढ़ करोड़ रुपये भी स्वीकृत हो चुका है। पैसा स्वीकृत होने के बाद सुुंदरीकरण करने का काम ठेकेदार द्वारा शुरु किया गया। लेकिन आधा अधूरा कार्य कराकर ठेकेदार फरार हो गया है। जब से लेकर आज तक सुंदरीकरण का कार्य शुरु नहीं हो पाया। इस रेलवे स्टेशन का सुंदरीकरण नहीं होने से लोगों में नाराजगी व्याप्त है। वहीं
वाराणसी- प्रतापगढ रेलवे रुट पर स्थित जंघई रेलवे स्टेशन ए श्रेणी प्राप्त स्टेशन है। लेकिन यह स्टेशन सिर्फ ए श्रेणी का नाम भर ही बनकर रह गया है। स्टेशन पर ए सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। जिससे यात्रियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगो के मांग के बाद रेलवे ने स्टेशन के सुन्दरीकरण के लिए दो साल पहले डेढ करोड की राशि पास की थी। इसके लिए डीआरएम खुद तीन बार जांच भी कर चुके थे। साथ ही सुंदरीकरण का नक्सा भी बन गया था। जिसके तहत पुराने भवन को ढहा कर वाहन पार्किंग, स्टेशन के मेन गेट पर पोर्टिको बनने, महिला व पुरुष प्रतिक्षालय बनाने आदि काम होना था । इस कार्य को करने के लिए साल भर पहले ठेकेदार ने काम शुरु कराया तो लोगों को लगा स्टेशन की सुरत शीघ्र बदली नजर आएगी। लेकिन सिर्फ पुराने प्रतिक्षालय को ढहा कर मिट्टी डालने का काम ही हो सका। महिला प्रतिक्षालय का निर्माण अधूरा छोड़कर, पुरुष प्रतिक्षालय के लिए गड्ढा खोदकर,स्टेशन के बाहर फर्श खोदकर व ईट बिखेर कर ठेकेदार फरार हो गया।जिससे 20 करोड़ की वार्षिक आय देने वाले इस स्टेशन की बदहाली दूर नहीं हो पाई है। जबकि स्टेशन से हजारो लोग प्रतिदिन महानगर के लिए यात्रा करते है।
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प्लेट फार्म नीचा होने से यात्री परेशान
मीरगंज। जंघई रेलवे स्टेशन का प्लेटफार्म नम्बर एक काफी नीचा होने से यात्रीओ को दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को ट्रेन पर च्ढ़ने और उतरने में होती है। जिसके कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
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ठेकेदार ने कुछ दिन से काम बंद कर रक्खा है। जिसे जल्द शुरु कराया जाएगा। साथ ही काम बंद करने को लेकर ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ।-राम लखन सचान, एईएन प्रतापगढ
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