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राजस्व निरीक्षक, लेखपाल पर धोखाधड़ी व खड़ी फसल नष्ट करने का वाद दर्ज

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जौनपुर। बदलापुर थाना क्षेत्र के सरोखनपुर निवासी महेंद्र प्रताप सिंह की खड़ी फसल स्थगन आदेश के बावजूद जोतवाकर हजारों का नुकसान करने के मामले में कोर्ट ने राजस्व निरीक्षक व लेखपाल पर धोखाधड़ी, जालसाजी व नुकसान का वाद दर्ज किया है। कोर्ट ने थानाध्यक्ष बदलापुर को मामले की जांच कर बिंदुवार आख्या 10 सितंबर को पेश करने का आदेश दिया।
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महेंद्र प्रताप सिंह निवासी सरोखनपुर ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत अधिवक्ता उपेंद्र विक्रम सिंह के माध्यम से प्रार्थना पत्र दिया कि चकबंदी में उनकी आराजी की मालियत छूटने का मुकदमा एसडीएम बदलापुर के यहां विचाराधीन है। 6 मार्च 2018 को यथास्थिति कायम करने का आदेश हुआ। वादी उस पर अरहर व मक्का की फसल बोया था जो बड़ी हो चुकी थी। 12 अगस्त 2018 को 10 बजे दिन में राजस्व निरीक्षक व लेखपाल तीन चार लोगों के साथ आए और वादी से कहे कि तुम्हारी फसल जोतवाने का एसडीएम बदलापुर का आदेश है। वादी ने देखा आदेश फर्जी था। दस्तखत भी फर्जी थी। फर्जी व कूटरचित आदेश दिखाकर जबरन ट्रैक्टर से पूरी फसल जोतवा दिया गया। जिसमें करीब 25 हजार का नुकसान हुआ। वादी को सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया और न ही जोतवाने के पूर्व कोई नोटिस दी गई। 12 अगस्त को रविवार था। आरोपियों ने रिपोर्ट भी लगा दिया कि वादी के लड़के के हस्ताक्षर से खेत जोतवाया गया जबकि ऐसा कोई हस्ताक्षर नहीं हुआ था। तहसील जाकर वादी ने पता किया तो पता चला एसडीएम कोर्ट ने खेत जोतने का कोई आदेश नहीं किया है। मौके पर स्थगन आदेश आज भी प्रभावी है। थाना, एसपी व अन्य उच्चाधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। तब वादी ने कोर्ट में न्याय की गुहार लगाया।
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