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पति ने भाई या पिता से हलाला की रखी शर्त तो महिला ने किया मना

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पीड़ित
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जौनपुर। तीन तलाक पीड़िता अपने तीन बच्चों को लेकर परेशान है। उसका पति तलाक दे दिया। मामला जब कोर्ट में आया तो सुलह समझौता केंद्र में पति ने महिला से कहा कि वह रखने को तैयार है लेकिन उसे मेरे भाई या पिता के साथ हलाला करना होगा। महिला इस बात से राजी नहीं हुई तो पति ने धमकी दी और कहा कि जिस कानून की बात कर रही हो। उसी से बोलो तुम्हें इंसाफ और खर्चा दिलवाए। गुरूवार को दूसरी बार एसपी दफ्तर महिला गुलशन पहुंची लेकिन एसपी से मुलाकात नहीं हुई तो वह दीवानी न्यायालय गई।
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उसका आरोप है कि पति समीउल्लाह अपने भाई और पिता के साथ हलाला कराने का दबाव बना रहा है। जबकि वह हलाला की आड़ में गैर मर्द के साथ इच्छा के विरुद्ध संबंध बनाने के लिए राजी नहीं है। खुफिया एजेंसिया भी पहुंच गई और पूछताछ के लिए अपने कार्यालय ले गई। खेतासराय थाना क्षेत्र निवासी गुलशन की शादी खुटहन थाना क्षेत्र के धमौर गांव निवासी समीउल्लाह के साथ हुई थी। समीउल्लाह से उसके तीन बच्चे हैं। गुलशन का आरोप है कि एक लाख रूपए दहेज की मांग की गई। पूरा नहीं होने पर वर्ष 2014 में पति समीउल्लाह व ससुराल वालों ने उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। उस पर चरित्रहीनता का आरोप लगाते हुए पति ने विवाह विच्छेद का मुकदमा किया एवं तीन तलाक का तलाकनामा भी दाखिल किया। मीडिएशन सेंटर में सुलह समझौता का प्रयास हुआ। सेंटर के बाहर पति ने कहा कि तुम्हें इस शर्त पर रखने को तैयार हूं यदि तुम मेरे भाई या फिर मेरे पिता से हलाला और तीन तलाक कराने को तैयार हो। विरोध करने पर समीउल्ला उसे गालियां दिया और कहा कि तुम और बच्चे जियो या मरो। कहीं जाकर अपनी जान दे दो, मुझे कोई मतलब नहीं। जाओ सरकार से खर्चा लो। इससे महिला काफी दुखी और निराश हुई लेकिन उसका कहना है कि चाहे कुछ भी हो जाए वह अपना शरीर पति के भाई व पिता को नहीं सौंपेगी।
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